अग्रोहा की नंगथला गोशाला में चल रही गोकथा में मौजूद महिला श्रद्धालु।
अग्रोहा। गांव नंगथला में स्थित श्री कृष्ण प्रणामी गोशाला मे चल रही दिव्यश्री धेनु मानस गो कथा के दूसरे दिन कथा वाचक आचार्य सत्यदेवानंद महाराज ने कहा कि घर में जीवित माता-पिता है तो वही हमारे भगवान, गुरु व मित्र है। माता-पिता की सेवा, गोमाता की सेवा और गुरु की सेवा कर हम अपने जीवन में सब प्राप्त कर सकते हैं। आचार्य सत्यदेवानंद ने कहा कि हमें कभी भी अपनी जीवन की आशा संसार पर मत रखिये, क्योंकि संसार बदल सकता है। अगर हमें अपनी आशा लगानी है तो भगवान के नाम की लगाओ, जिससे अपने जीवन की नईया पार हो जाएगी। इस मौके पर गोशाला कमेटी सदस्य, शहीद भगत सिंह ग्राम सेवा समिति व श्रद्धालु उपस्थित रहे।
गोमाता की सेवा से ही मिलेगा सतयुग का सुख : संत बलदेवा
हिसार। धांसू की राधा कृष्ण गोशाला में चल रही गो कथा के दूसरे दिन संत बलदेवा नंद शास्त्री ने प्रवचन देते हुए कहा कि कलियुग में गो माता की देखभाल करने वाला कोई नहीं है। लोग कहते हैं कि कलयुग चल रहा है, लेकिन जब तक गो माता भूखी और दुखी गलियों में भटकती रहेगी, तब तक सतयुग नहीं आएगा। संसार की माता दुखी है, इसलिए यह काल ही बना रहेगा।
उन्होंने कहा कि गो माता की सेवा जितनी की जाए उतनी कम है। लोग करोड़ों कमाते हैं। अपनी पीढ़ियों और बच्चों के लिए धन जोड़ते हैं, लेकिन सब कुछ यहीं छोड़कर जाना है। उन्होंने कहा कि अपनी कमाई का कुछ हिस्सा गो सेवा में जरूर लगाना चाहिए। गो माता की सेवा का पुण्य कभी व्यर्थ नहीं जाता। करोड़ों देवी-देवता गो माता में वास करते हैं।श्रद्धा के बिना कुछ भी संभव नहीं है। अगर हम कथा सुनने के लिए पंडाल में बैठे हैं तो यह हमारी श्रद्धा का ही भाव है। इस मौके पर साध्वी सारिका, जगदीश पूनिया, मानसिंह ठाकर, अनूप पूनिया, आत्माराम बिश्नोई, उग्रसेन डारा, माईलाल, सतबीर, सुरेंद्र ढाका, हरि सिंह पूनिया आदि मौजूद रहे।