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Charkhi Dadri News: तेज बारिश के साथ ओले, किसानों पर बरसी आफत

Sun, 19 Mar 2023 11:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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बधवाना में गिरे ओले।
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चरखी दादरी। जिले में रविवार को तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई। यह किसानों के लिए आफत से कम नहीं है क्योंकि इसके कारण गेहूं और सरसों की फसल में भारी नुकसान पहुंचेगा। इसके अलावा सब्जियां की खेती भी बारिश और ओलावृष्टि से नष्ट हुई है। दूसरी ओर झमाझम बारिश से शहर के सीवर मेनहोल ओवरफ्लो कर गए और दूषित पानी की निकासी न होने से सड़कों व गलियों में पानी भरा रहा। शनिवार और रविवार को हुई बारिश से सरसों की कटी और खेतों में खड़ी फसल में भारी नुकसान हुआ है।
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रविवार सुबह से ही आसमान में बादल छा गए और शाम करीब साढ़े 4 बजे काली घटाओं से आसमान घिर आया। इसके बाद बूंदाबांदी शुरू हो गई। करीब पांच बजे तेज बारिश शुरू हुई और छोटे आकार के ओले भी गिरे। करीब 15 मिनट तक ओलावृष्टि हुई। जिससे किसानों के अरमानों पर पानी फिर गया। बारिश और ओलावृष्टि से सबसे अधिक नुकसान सरसों व गेहूं की फसल में हुआ है। गेहूं की फसल पककर तैयार है और तेज बारिश और हवा से फसल खेतों में बिछ गई। अब इसका पकाव सही से नहीं हो सकेेगा। इसी प्रकार सरसों की कटी हुई फसल खलिहान में रखी थी, जो भीग गई। अब बारिश से खलिहान में सरसों के उगने का अंदेशा बन गया है। इतना ही नहीं दाने की गुणवत्ता खराब होने का अंदेशा भी बढ़ गया है। इसी प्रकार खेतों में कटाई के लिए तैयार खड़ी फसल बारिश एवं ओलावृष्टि से झड़ गई। आने वाले कुछ दिनों में जब धूप खिलेगी तो पछेती सरसों की फलियां स्वत: फटने लगेगी जिससे और भी नुकसान होगा।
- किसान बोले: राम नै चौपट कर दी खेती
किसान नंबरदार माडूराम, अनिल कुमार, संजय, हवा सिंह व जगमाल का कहना है कि तेज बारिश व ओलावृष्टि ने गेहूं व सरसों की फसल बर्बाद कर दी है। इस बार तो उन्हें फसल का लागत खर्च भी नहीं मिल पाएगा। सर्दी में पाला से सरसों में 50 प्रतिशत तक नुकसान पहले ही हो गया था। अब बारिश एवं ओलावृष्टि से फसलें तबाह हो गई हैं। सरकार को जल्द ही नुकसान की भरपाई करनी चाहिए। जो कुछ फसल बची हुई है उसका दाना खराब होने पर मंडी में भाव भी न के बराबर मिलेगा।
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- 25 एमएम बारिश से शहर में हुआ जलभराव
रविवार को जिले में करीब 25 एमएम बारिश हुई और बारिश के पानी को सीवर लाइनें नहीं झेल पाईं। शहर के मुख्यमार्गों के अलावा गलियों में जलभराव हो गया। देर शाम करीब आठ बजे तक भी गलियों और सड़कों से पानी की निकासी नहीं हो पाई। इसके चलते लोगों को आवागमन में दिक्कतें झेलनी पड़ी।
- पालड़ी, बधवाना, बालरोड में भी गिरे ओले
झोझूकलां क्षेत्र के गांव पालड़ी, बालरोड और बधवाना में भी ओलावृष्टि और तेज बारिश हुई। इससे तीनों गांवों के किसानों की गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई। इन गांवों के 20 फीसदी किसान सरसों की कटाई कर खलिहान में रख चुके हैं और जलभराव से सरसों भीग गई। इन गांवों के किसानों ने सरकार से नुकसान की भरपाई करने की मांग की है।
- 42 एक्यूआई प्रदूषण का स्तर बढ़ा
रविवार को एकतरफ जहां बारिश होने से अधिकतम और न्यूनतम तापमान स्थिर रहा तो दूसरी ओर प्रदूषण का स्तर 42 एक्यूआई तक बढ़ गया। रविवार को प्रदूषण का अधिकतम स्तर 198 एक्यूआई जबकि न्यूनतम स्तर 19 एक्यूआई दर्ज किया गया। शनिवार को प्रदूषण का अधिकतम स्तर 156 एक्यूआई और न्यूनतम 56 एक्यूआई दर्ज किया गया था।
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बारिश व ओलावृष्टि से गेहूं व सरसों दोनों में नुकसान है। सोमवार को कृषि विभाग के एडीओ फील्ड का दौरा कर नुकसान का जायजा लेंगे।
-जितेंद्र सिहाग, कृषि तकनीकी अधिकारी
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