चरखी दादरी। सरकार की घोषणा के दूसरे दिन भी दादरी अनाज मंडी में सरसों की खरीद नहीं हो पाई। वीरवार को दो किसान सरसों लेकर मंडी पहुंचे, लेकिन नमी ज्यादा होने के चलते उनसे खरीद नहीं की गई। इन किसानों ने मंडी में ही सरसों सूखने के लिए डाल दी और नमी दूर होने पर शुक्रवार सुबह इनसे सरसों की खरीद की जाएगी। दूसरी ओर हैफेड डीएम ने वीरवार को मंडी का दौरा कर खरीद प्रबंधों का जायजा लिया। इसके अलावा उन्होंने खरीद को लेकर आढ़तियों से भी बातचीत की।
सरकारी खरीद के दूसरे दिन वीरवार को अनाज मंडी में केवल दो ही ढेरियां सरसों की पहुंच पाई। मंडी में आई सरसों में नमी की अधिकता के चलते हैफेड अधिकारियों ने खरीद से मना कर दिया। इससे पहले सरसों की ढेरियों से सैंपल लेकर नमी की मात्रा जांची गई और उस दौरान नमी की मात्रा अधिक मिलने के कारण हैफेड एजेंसी ने इसे खरीदने से मना कर दिया।
बता दें कि एमएसपी पर सरसों बेचने के लिए जिले के 29085 किसानों ने लगभग एक लाख 31 हजार 235 एकड़ जमीन का पंजीकरण मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर कराया है। पहले दो दिन दादरी मंडी में सरसों की आवक न के बराबर रही। पहले दिन बुधवार को जहां एक भी किसान मंडी नहीं पहुंचा तो वहीं दूसरे दिन वीरवार को दो ही किसान मंडी आए। एक सप्ताह के अंदर मंडी में सरसों की आवक के जोर पकड़ने की उम्मीद है।
- हैफेड के इन अधिकारियों ने किया नई अनाज मंडी कर निरीक्षण
दादरी अनाज मंडी में पहुंची हैफेड टीम में डीएम अनुराग गुप्ता, तकनीकी अधिकारी सुभाषचंद्र व स्थानीय मैनेजर संदीप देशवाल मौजूद रहे। टीम के अधिकारियों ने मंडी आढ़तियों से बात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने आढ़तियों व किसानों को आश्वत करते हुए कहा कि खरीद के दौरान किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी और अगर कोई शिकायत है तो उच्चाधिकारियों को तत्काल अवगत करवाए।
- ये दस्तावेज साथ लाएं किसान हैफेड डीएम अनुराग गुप्ता ने बताया कि मंडी में सरसों बेचने आने वाले सभी किसान मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकृत दस्तावेज साथ लेकर आएं। इससे किसानों को कागजी कार्रवाई के लिए इधर-उधर नही भटकना पड़ेगा। पंजीकरण कराने वाले किसान कभी भी आकर अपनी फसल बेच सकते हैं।
अधिकारी बोले
हमने सरकारी आदेश अनुसार सरसों खरीद के लिए पूरी तैयारी कर रखी है। मंडी में सरसों आने के बाद सरकारी नियमों के आधार पर सभी रजिस्टर्ड किसानों की फसल खरीदी जाएगी। इसके लिए किसानों को कोई भी परेशानी नहीं आने देंगे।
-अनुराग गुप्ता, डीएम, हैफेड