Gunner Sanjay said: Our partner Bhupendra was brave
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शहीद भूपेंद्र चौहान बेहद मिलनसार स्वभाव के थे। अपने कुशल व्यवहार और स्वभाव के कारण वे यूनिट में सबके चहेते थे। यह बात भूपेंद्र चौहान के साथ बारामूला में तैनात मिसरी (चरखी दारी) गांव निवासी गनर संजय ने बताई। संजय ने बताया कि उनका साथी भूपेंद्र बहादुर था और दुश्मन ने कायरतापूर्ण हरकत करते हुए धोखे से हमला कर दिया। संजय ने बताया कि वे तीन साल बारामूला में भूपेंद्र चौहान के साथ तैनात रहे। उन्होंने कहा कि अपने साथी की शहादत पर उन्हें गर्व है।
गनर संजय ने बताया कि भूपेंद्र चौहान जहां तैनात थे, उससे पाकिस्तानी सेना की तैनाती करीब एक हजार मीटर पर है। पाकिस्तान की ओर से किए गए हमले में भूपेंद्र चौहान शहीद हुए तो वहीं दो जवान घायल भी हुए। गनर संजय ने बताया कि भूपेंद्र उनसे से चार साल बाद सेना में भर्ती हुए थे। गनर संजय सितंबर 2011 में तो भूपेंद्र ने 2015 में सेना ज्वाइन की थी। गनर संजय ने बताया कि पूरी यूनिट को अपने साथी को खोने का गम है, लेकिन एक सैनिक के लिए वीरगति प्राप्त करने से बड़ी कोई बात नहीं हो सकती।