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Charkhi Dadri News: बारिश न होने पर चरखी दादरी क्षेत्र में ग्वार की बिजाई का आंकड़ा शून्य

Fri, 26 Jul 2024 06:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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खेतों में खड़ी कपास की फसल। 
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जगवीर शर्मा
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चरखी दादरी। जिले में बारिश कम होने पर ग्वार की बिजाई का आंकड़ा शून्य हो गया है। कृषि विभाग ने इसका विवरण एकत्रित कर रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी है। विभाग ने हाल ही में सर्वे कर यह आंकड़ा जुटाया है। धान का रकबा भी महज 10,000 हेक्टेयर बताया गया है।
मानसून की बारिश न होने से जिले में खरीफ की फसलों की बिजाई कम क्षेत्र में हो सकी है। जिले में खरीफ में धान, बाजरा, ग्वार, कपास, ज्वार, मूंग की बिजाई की जाती है। इस बार जुलाई के अंतिम सप्ताह में भी जिले के अधिकतर क्षेत्र में बारिश नहीं हुई है। जिले के बाढड़ा क्षेत्र में पिछले दिनों में बिजाई के लायक बारिश हुई थी। इस कारण जिले की पश्चिम-दक्षिण दिशा वाले गांवों में भी बिजाई जरूर हुई है लेकिन बारिश न होने के कारण फसलें सूखने का खतरा है।
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कृषि विभाग ने हाल ही में जिले में बिजाई का आंकड़ा जुटाया है। विभाग के अनुसार जिले में बाजरा का बिजित रकबा 60,000 हेक्टेयर क्षेत्र है। ग्वार की बिजाई का आंकड़ा शून्य है। मूंग का बिजाई क्षेत्र 50 हेक्टेयर, ज्वार का 1,000 हेक्टेयर, कपास का 18,000 हेक्टेयर क्षेत्र है। कुछ भाग सब्जियों और बागवानी का है।

- विभाग 31 जुलाई तक मानता है बिजाई का समय
विभाग खरीफ की फसलों की बिजाई का समय 31 जुलाई तक मानता है। सरकार से किसी क्षेत्र को सूखाग्रस्त घोषित करने की अंतिम तिथि भी यही होती है। बारिश न होने के कावजूद नहरों में भी पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। किसान चंद्र सिंह ने बताया कि सिंचाई के अभाव में उन्हें पांच एकड़ में बिजित धान को उखाड़ना पड़ा।
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बुवाई वाले क्षेत्र की रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी गई है। अभी ग्वार का रकबा शून्य है। बारिश न होने पर धान की खेती भी प्रभावित होने की आशंका है। - डॉ. जितेंद्र सिहाग, तकनीक कृषि विशेषज्ञ, चरखी दादरी।
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