चरखी दादरी। जलघरों के भंडारण टैंक तक पानी पहुंचाने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग ने लोहारू नहर पर बड़े टैंक का निर्माण करवाया दिया है। फिलहाल यहां चैंबर निर्माण और कुछ अन्य कार्य होने बाकी हैं। बड़े आरक्षित टैंक पर तीन मोटरों के जरिये पानी का उठान कर जलघर टैंकों तक पहुंचाया जाएगा। टैंक से पानी उठान शुरू होने के बाद जलघर के टैंकों को 14 के बजाय करीब दस दिन में ही भरा जा सकेगा।
जनस्वास्थ्य विभाग ने 115 करोड़ रुपये की पेयजल परियोजना पर काम शुरू करवाया है। इसके तहत चंपापुरी जलघर में बड़ा टैंक बनाया जा रहा है जबकि लोहारू केनाल पर भी आरक्षित टैंक बनाया गया है। इसका निर्माण कार्य पूरा हो चुका है जबकि अब यहां चैंबर निर्माण कार्य होना बाकी है। जल्द ही इस काम को भी एजेंसी पूरा कर देगी। इसके बाद इस टैंक को नहरी पानी से भरा जाएगा जिसके बाद यहां से पानी का उठान कर पाइपलाइन के जरिये चंपापुरी जलघर तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए करीब पांच किलोमीटर लंबी पेयजल लाइन भी डाली गई है।
विभाग शहर के जलघरों की पेयजल भंडारण क्षमता बढ़ा रहा है। दूषित पेयजल आपूर्ति की समस्या खत्म करने के लिए शहर की पुरानी पेयजल लाइनें बदलने की भी योजना है। पेयजल आपूर्ति में सुधार के लिए दो नए बूस्टिंग स्टेशन भी बनाए जाने हैं। इनके लिए जगह चिह्नित की जा चुकी है। शहरवासियों को पेयजल आपूर्ति संबंधी समस्याओं से छुटकारा दिलाने के लिए विभाग को पेयजल परियोजना का काम जल्द पूरा करना चाहिए।
- 10 गुणा 10 आकार का बनाया टैंक, तीन मोटरें उठाएंगी पानी
नहर पर 10 गुणा 10 आकार का टैंक बना दिया गया है। अब यहां चैंबर और मोटर आदि और लगाए जाने हैं। यहां विभाग 140 हॉर्स पावर की दो और 85 अश्व शक्ति की तीन मोटरें लगाएगा ताकि ज्यादा मात्रा में पानी का उठान हो सके और थोड़े समय में टैंक भरे जा सकें।
- यूं भरे जाते हैं शहर के दोनों जलघर
शहर के मेन चंपापुरी जलघर के टैंकों में मेन लोहारू केनाल से पानी डाला जाता है जबकि दूसरे कपूरी जलघर में बधवाना नहर से पानी डाला जाता है। शहर में पिछले एक दशक से पेयजल संकट है। पानी की भंडारण क्षमता न बढ़ने की वजह से यह दिक्कत हो रही है। इस परियोजना के तहत दूसरे कपूरी जलघर में भी टैंकों का आकार बढ़ाया जाना है। कपूरी जलघर से शहर के 40 प्रतिशत भाग में पेयजल आपूर्ति की जाती है।
लोहारू केनाल पर टैंक बना दिया गया है। अब जल्द ही यहां बड़ी क्षमता की मोटरें लगाई जाएंगी ताकि पानी का उठान ज्यादा मात्रा में हो सके। इससे जलघर समय रहते भरे जाएंगे और पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध हो जाएगा। - धीरेंद्र सांगवान, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग, चरखी दादरी।