हरियाणा के चरखी दादरी स्थित एनएच 334-बी (दिल्ली-पिलानी) पर वाहन चालकों को गड्ढों में सफर करने का भी टैक्स देना पड़ा रहा है। प्रतिदिन आठ हजार से ज्यादा वाहन चालक इस मुख्यमार्ग से टोल भरकर गुजरते हैं। दूसरी ओर दादरी के समसपुर बाईपास से लेकर इमलोटा के बाद दादरी जिले की सीमा खत्म होने तक सड़क की लंबाई 20.5 किलोमीटर है और इस दूरी में 300 से अधिक गड्ढे व 15 ब्रेकर हैं। ऐसे में कहना गलत नहीं होगा कि सुविधाओं में झोल होने के बावजूद चालकों से टोल वसूला जा रहा है।
सोमवार को दादरी से इमलोटा के बाद दादरी जिला की सीमा खत्म होने तक एनएच-334 बी पर सफर किया। गाड़ी में सफर करने पर आने-जाने में 80 रुपये टोल देना पड़ा। आने-जाने में 41 किलोमीटर की दूरी तय हुई और प्रति किलोमीटर करीब 2 रुपये टोल टैक्स वसूला गया। दूसरी ओर, अब अगर सुविधाओं की बात करें तो यह रोड केवल 2 किलोमीटर की लंबाई में फोरलेन है जबकि आगे टू-लेन है। वहीं, टोल टैक्स से करीब दो किलोमीटर पहले सड़क की चौड़ाई और कम हो जाती है।
सफर की शुरुआत में शहर के समसपुर बाईपास से 50 मीटर आगे ही गड्ढों की शुरुआत हो गई। पेट्रोल पंप तक 7 गड्ढे मिले जबकि इसके बाद करीब दो किलोमीटर की दूरी में फोरलेन सड़क पर सफर आरामदायक रहा। समसपुर मंदिर के समीप फिर से गड्ढे शुरू हो गए भागवी टी-पॉइंट तक 30 गड्ढे मिले। इसके बाद समसपुर से लेकर लोहरवाड़ा गांव तक 70 गड्ढे मिले। लोहरवाड़ा से मोरवाला टोल तक सड़क पर 80 गड्ढे मिले। वहीं, टोल से लेकर इमलोटा तक सड़क पर 30 गड्ढे पाए गए। इनमें कई गड्ढे आकार में बड़े हैं, जो जानलेवा हादसे का सबब बन सकते हैं।
20.5 किललोमीटर लंबे मार्ग पर यहां बने हैं ब्रेकर
समसपुर बाईपास से झज्जर जिले की सीमा शुरू होने तक सड़क की लंबाई साढ़े 20 किलोमीटर है। सबसे पहले समसपुर गांव के अड्डे के पास तीन ब्रेकर हैं। इसके बाद आगे चलकर लोहरवाड़ा से निकलते ही दो ब्रेकर हैं। एक ब्रेकर खातीवास अप्रोच रोड के समीप बना है। इसके बाद लोहरवाड़ा और अचीना अड्डे पर दो-दो ब्रेकर हैं। फिर इमलोटा गांव में तीन ब्रेकर हैं और दो ब्रेकर इमलोटा चौकी पुलिस नाका के पास हैं।
टोल पर एंबुलेंस, शौचालय और पेयजल की सुविधा
मोरवाला टोल के बूथ दो जगह बनाए गए हैं। वहीं, एक एंबुलेंस खड़ी मिली जिसकी पासिंग 3 मार्च 2021 को कराई गई है। इसके अलावा टोल टैक्स पर पेयजल समेत महिला और पुरुष शौचालय का प्रबंध मिला। पुरुष शौचालय में टोंटी टूटी मिली जबकि सफाई व्यवस्था ठीक थी।
वाहन चालक बोले- गड्ढों में सफर करने का भर रहे टैक्स
पैतृक गांव डीघल है जबकि दादरी में वकालत करता हूं। एनएच-334 बी से काफी आना-जाना रहता है। इस मार्ग पर गड्ढों की भरमार है और जानलेवा सफर का टैक्स भरना पड़ रहा है। यहां सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं और इस लिहाज से तो टोल भी नहीं लिया जाना चाहिए।
एनएच 334-बी को फोरलेन बनाने की योजना अभी तैयार की जा रही है। इस पर जो गड्ढे बने हैं, उन्हें भरवाया जा रहा है। जल्द ही सड़क पर सफर सुगम हो जाएगा।
-राजेश गुप्ता, मैनेजर टेक्निकल, एनएचएआई