अमर उजाला खास खबर:
50 नहरों और माइनरों में मनरेगा के तहत होनी है घास कटाई व गाद निकासी
अधिकारी ने कहा कि नहरों में पानी बंद होते ही कराई जाएगी सफाई
जगवीर शर्मा
चरखी दादरी। जिले में 50 में से 20 नहरों व माइनर में मनरेगा स्कीम के तहत घास कटाई व गाद निकासी का काम अधूरा है। यह काम मानसून सीजन से पहले पूरा होना था। लेकिन, 12 जुलाई तक भी यह कार्य पूरा नहीं हो पाया है। अधिकारियों का कहना है कि नहरों में पानी बंद होते ही बचा कार्य पूरा करा लिया जाएगा।
बता दें कि 50 कैनाल, डिस्ट्रीब्यूटरी, माइनर व सब माइनर की सफाई का कार्य मनरेगा शाखा को सौंपा गया है। कुछ दिन पहले यह काम शुरू हुआ। अब तक 50 से में 30 नहरों की ही सफाई की जा सकी है। 20 नहरों की घास कटाई का काम अधूरा है। यह काम मानसून सीजन से पहले ही पूरा करना था। ताकि, पानी की क्षमता पर भी अनुकूल प्रभाव पड़ सके।
जिला में प्रमुख नहरें लोहारू कैनाल व लोहारू फीडर हैं। ये नहरें दादरी व भिवानी दो जिलाें से गुजरती हैं। इनकी टेल लोहारू के समीप पड़ती है। उसके बाद राजस्थान की सीमा शुरू हो जाती है। नहरों में पानी की वजह से गाद और मिट्टी आदि का जमाव हो जाता है। पानी की वजह से अनावश्यक घास, झाड़ी व झूंडे उग जाते हैं। ये पानी के प्रवाह में बाधा बनते हैं। नहरों से ही जलघरों में पानी डाला जाता है।
100 दिन श्रमिकों को मिल जाता है काम
मनरेगा शाखा की ओर समय-समय पर पंचायत, सिंचाई विभाग व अन्य विभागों को कार्यों की मांग भेजी जाती है। उसके आधार पर पंजीकृत श्रमिकों से ये कार्य पूरे कराए जाते हैं। इससे श्रमिकों को साल में 100 दिन काम भी मिल जाता है। सरकारी विभागों के छोटे स्तर के काम भी समय पर पूरे हो जाते हैं। अब शेष 20 नहरों की सफाई का काम मानसून सीजन खत्म होने के बाद ही पूरा हो सकेगा।
जिले में 7000 हैं पंजीकृत श्रमिक
दादरी जिले की बात करें तो मनरेगा कार्य के लिए 7000 श्रमिक पंजीकृत हैं। नहरों का सफाई कार्य मिलने से इनको काफी राहत मिलती है। मानसून के दौरान अन्य काम बंद रहते हैं। इसके चलते मनरेगा श्रमिकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
वर्सन:
करीब 20 नहरों की घास कटाई का काम बाकी है। इस समय नहरों में पानी चल रहा है। पानी बंद होने पर यह काम भी पूरा कराया जाएगा। यह काम मनरेगा श्रमिकों से करवाया जाता है।
-नवीन शर्मा, मनरेगा शाखा
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जिले की बधवाना नहर में ऊगी घास। संवाद