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Charkhi Dadri News: धान अवशेष से गोले बनाने का प्लांट लगाने पर मिलेगा 70 लाख तक अनुदान

Tue, 02 Jan 2024 01:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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चरखी दादरी। फसल अवशेष प्रबंध को कमाई का साधन बनाया जा सकता है। सरकार की ओर से फसल अवशेष प्रबंधन के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत सब्सिडी देने का प्रावधान भी किया गया है। इसी कड़ी में धान की फसल के अवशेष से गोले बनाने का प्लांट लगाने पर सरकार की ओर से 70 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाता है।
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उपायुक्त मनदीप कौर ने बताया कि तकनीक के इस युग में अब फसल अवशेष परेशानी न होकर फायदे का सौदा बनते जा रहे हैं। फसल अवशेष का प्रयोग अब बिजली और प्लाईबोर्ड बनाने आदि कामों में भी होने लगा है। कई किसान अब फसलों के अवशेष से लाखों रुपये भी कमा रहे हैं। तकनीक के माध्यम से फसलों के अवशेषों का कई प्रकार से प्रयोग किया जा रहा है। ऐसे में किसान फसल अवशेष प्रबंधन करके आत्मनिर्भर बन सकते हैं।
उन्होंने बताया कि धान के अवशेष से गोले बनाने की तकनीक में बढ़ोतरी करके पर्यावरणीय कृषि प्रथाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में अनुसंधानकर्ता और कृषि विशेषज्ञ धान के बूटे की तिलाईकरण के नवाचार को अपना रहे हैं। यह तकनीक धान फसल अवशेष प्रबंधन की बड़ी समस्या का समाधान करने में काफी अहम है।
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- यूं प्रदान की जाएगी वित्तीय सहायता
तकनीक के तहत सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) की गाइडलाइन अनुसार एक बार में एक टन प्रति घंटा के प्लांट के लिए 28 लाख और टॉरफेक्शन प्लांट के लिए 56 लाख रुपये तक वित्तीय सहायता सीपीसीबी से प्रदान की जाएगी। उपायुक्त ने किसानों से अनुरोध किया है कि किसी भी प्रकार की वित्तीय सहायता या सब्सिडी पाने के लिए सीपीसीबी और मीडियम एंड माइक्रो स्मॉल एंटरप्राइजेज (एमएसएमई) के पोर्टल पर आवेदन करें।
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