चरखी दादरी। नगर परिषद ने शहर की सुंदरता बढ़ाने और प्रमुख मार्गों को आकर्षक बनाने के लिए एक योजना तैयार की है। इस योजना के तहत शहर में छह भव्य प्रवेश द्वारों का निर्माण किया जाएगा। इन द्वारों का नामकरण महापुरुषों के नाम पर होगा जिससे शहर की पहचान मजबूत होगी। इन सभी द्वारों के निर्माण पर करीब तीन करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
नगर परिषद ने इस प्रस्तावित योजना को लागू करने के लिए बजट एस्टीमेट तैयार कर लिया है। एस्टीमेट को मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इन प्रवेश द्वारों के बनने से शहर की पहचान को नई मजबूती मिलेगी। ये द्वार शहर में प्रवेश करने वाले प्रमुख मार्गों और महत्वपूर्ण चौराहों के आसपास बनाए जाएंगे।
प्रत्येक स्थान की पहचान और उससे जुड़े महापुरुषों के सम्मान को ध्यान में रखकर नाम निर्धारित किए गए हैं। इससे शहर में आने वाले लोगों को स्थानों की पहचान करने में सुविधा मिलेगी। साथ ही, स्थानीय स्तर पर महापुरुषों और सामाजिक हस्तियों के योगदान को सम्मान मिलेगा। यह योजना शहर के सुंदरीकरण से जुड़ी एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
प्रवेश द्वारों के प्रस्तावित स्थान
नगर परिषद की योजना के अनुसार, रविदास नगर में दशनामी अखाड़े के सामने डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम पर द्वार बनेगा। झज्जर घाटी में दक्ष प्रजापति द्वार का निर्माण प्रस्तावित है। वाल्मीकि मंदिर के सामने संत कबीर के नाम पर एक द्वार बनाया जाएगा। लोहारू चौक पर एक तोरण द्वार का निर्माण होगा। समसपुर टी-पॉइंट पर राजा बिल्हन सिंह के नाम से द्वार बनेगा। शहर के रावलधी चौक पर बाबा नारम दास के नाम से प्रवेश द्वार बनाने की योजना है।
तीन करोड़ रुपये का अनुमानित खर्च
छह प्रवेश द्वारों के निर्माण के लिए नगर परिषद ने करीब तीन करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार किया है। इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए सक्षम स्तर से मंजूरी मिलना आवश्यक है। मंजूरी मिलने के बाद ही निर्माण संबंधी आगामी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद ही काम शुरू कराया जाएगा। हालांकि, निर्माण कार्य शुरू होने की निश्चित तिथि अभी तय नहीं हुई है।
सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा मिलेगा
शहर में महापुरुषों के नाम पर द्वार बनने से सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान को बढ़ावा मिलेगा। इन द्वारों से शहर का सुंदरीकरण भी बढ़ेगा। संबंधित महापुरुषों के नाम सार्वजनिक स्थलों पर प्रमुखता से दिखाई देंगे। शहर में प्रवेश करने वाले लोगों को प्रमुख स्थानों की पहचान करने में आसानी होगी। यह पहल शहर की सुंदरता में चार चांद लगाएगी।
शहर में प्रवेश द्वार बनाने के प्रस्ताव को नप की हाउस बैठक व फाइनेंस कमेटी की बैठक में पास हो चुका है। जल्द ही आगे की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी। महापुरुषों के नाम पर द्वार बनने से शहर की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान को बढ़ावा मिलेगा तथा शहर का सुंदरीकरण भी बढ़ेगा।
-बक्शीराम सैनी, चेयरमैन, नगर परिषद