बाढड़ा। पीएम फसल बीमा योजना के नाम पर कंपनियां प्रति वर्ष करोड़ों रुपये वसूल तो कर रही हैं जबकि फसल में नुकसान होने पर भरपाई करते समय नियम व शर्तों में बदलाव कर दिया जाता है। मजबूरीवश किसानों को धरना-प्रदर्शन करना पड़ रहा है। सरकार ने जल्द ही बकाया मुआवजे के बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं की तो बड़े स्तर पर रोष-प्रदर्शन किया जाएगा।
यह बात धरने की अध्यक्षता कर रहे श्योराण खाप पच्चीस अध्यक्ष बिजेंद्र बेरला ने कही। बाढड़ा कस्बे की अनाज मंडी में संयुक्त किसान मोर्चा का धरना शनिवार को भी जारी रहा। बिजेंद्र बेरला ने कहा कि विधानसभा सत्र में विधायकों की मांगों पर सीएम ने कोई कदम नहीं उठाया है, जिससे साफ हो गया कि सरकार इस क्षेत्र के किसानों के हितों के प्रति कतई गंभीर नहीं है। किसानों को लंबे समय तक सड़कों पर आंदोलन करना पड़ रहा है। अन्नदाता अपने हितों के लिए किसी टकराव से पीछे नहीं हटेगा और सरकार को झुकना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि किसान संघर्ष को कमजोर नहीं होने दिया जाएगा। किसानों को खाद-बीज से लेकर फसल बिक्री या मुआवजे के लिए धरना-प्रदर्शन करना पड़ रहा है। किसान नेता ब्रह्मपाल बाढड़ा ने कहा कि सरकार मूक बनी हुई है। किसान अपने हितों के लिए सड़कों पर आंदोलन करने के लिए मजबूर हैं।