खुले आसमान के नीचे पड़ी बाजरे की फसल।
चरखी दादरी। जिले के किसानों के लिए इस बार धान की सरकारी खरीद सुविधा जिले में ही मिलेगी। दादरी जिले में पहली बार धान की सरकारी खरीद की जाएगी। इसके लिए शहर की नई अनाज मंडी को खरीद केंद्र बनाया गया है। इससे पहले जिले के धान उत्पादक किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए रोहतक, नरेला सहित दूसरे जिलों की मंडियों का रुख करना पड़ता था।
अब स्थानीय स्तर पर खरीद की व्यवस्था होने से किसानों को दूर की मंडियों में फसल ले जाने की परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है। जिले में करीब 19 हजार एकड़ भूमि पर धान की फसल का रकबा पंजीकृत किया गया है।
ऐसे में धान खरीद की शुरुआत को जिले की कृषि व्यवस्था के लिहाज से अहम कदम माना जा रहा है। हालांकि, जिले में धान की पैदावार काफी कम होती है। बाजारा बेच चुके किसानों की बायोमेट्रिक भी महज 57 प्रतिशत ही हो पाई है।
जिले की तीनों अनाज मंडियों में बाजरे की आवक भी लगातार जारी है। अब तक जिले में 9566 किसानों से कुल 2 लाख 62 हजार 140 क्विंटल बाजरे की आवक दर्ज की जा चुकी है। खरीफ सीजन में बाजरा जिले की प्रमुख फसलों में शामिल है और इसकी सरकारी खरीद किसानों के लिए महत्वपूर्ण है। मंडियों में बाजरे की आवक के बीच अब धान की खरीद शुरू होने की तैयारी भी अहम हो गई है।