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सरकारी स्कूलों की जमीन अपने नाम करवाएगा शिक्षा विभाग

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अब सरकारी स्कूलों के भवन की जमीन की ऑनरशिप शिक्षा विभाग अपने नाम करवाएगा। इसके लिए जल्द ही सभी ब्लॉकों में मीटिंग बुलाकर आवश्यक दिशा- निर्देश जारी किए जाएंगे। शिक्षा विभाग को ऑनरशिप मिलने पर इस जमीन का रिकार्ड ऑनलाइन कर दिया जाएगा। जिले में करीब 365 राजकीय स्कूल हैं। पुराने समय में ग्रामीण ही चंदा एकत्र स्कूल भवन बनवा देते थे। पंचायतों से जमीन के प्रस्ताव लिए जाएंगे।
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सरकार धीरे-धीरे सरकारी संपत्ति को अपने रिकार्ड में लाने के प्रयास में है ताकि सरकारी जमीन का समय पर सदुपयोग किया जा सके। शहर व गांवों में काफी सरकारी जमीन ऐसी भी जिसका फिलहाल सदुपयोग नहीं हो पा रहा है। यह जमीन खाली भी पड़ी है। सरकार की कोशिश है कि खाली जमीन का सरकारी कामकाज के लिए इस्तेमाल कर लिया जाए तो बेहतर रहेगा। शहर मेें भी काफी काफी सरकारी जमीन ऐसी है जो खाली पड़ी है। इसका सदुपयोग नहीं हो पा रहा है जबकि जिला बन जाने पर अब जमीन की सख्त जरूरत बनी हुई है।
जहां सरकारी स्कूलों के भवन व खेल मैदान की बात है आजादी के बाद जब से सरकारी स्कूल खुले उसमें ग्रामीणों की ज्यादा भूमिका रही है। उस समय लोग चंदा एकत्र कर स्कूल भवन बनवाते थे। बाद में ग्रामीणों की मांग पर सरकार भी बजट का कुछ अंश इसमें मिला देती थी इस प्रकार भवन बनकर तैयार हो जाते थे लेकिन आजकल यह चंदा एकत्र कर स्कूल भवन बनाने की प्रथा एक प्रकार से खत्म हो चुकी है। इन स्कूलों में भवन निर्माण के लिए जगह भी ग्रामीण ही अपने स्तर पर उपलब्ध करवा देते थे। शिक्षा विभाग जमीन की ऑनरशिप अपने नाम कराने के प्रोजेक्ट पर तत्परता से काम शुरू करेगा। इसके लिए पहले ब्लॉक स्तर पर मीटिंग आयोजित की जाएंगी। स्कूल मुखिया व ग्राम पंचायतों के सहयोग से इस काम को सिरे चढ़ाया जाएगा।
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बाक्स: पुराने समय में बने कई स्कूलों के भवन हो चुके कंडम
पुराने जमाने के बने यह स्कूल भवन अब अधिकतर संख्या में कंडम भी हो चुके हैं। अब शिक्षा विभाग व सरकार अब पिछले दिनो से इन कंडम भवनों की सुध ले रहा है। करीब एक दर्जन स्कूलों के नए भवनों के निर्माण को बजट मिल चुका है। अब फिर सरकार ने कंडम भवनों की रिपोर्ट मांग रखी है ताकि इन स्कूलों को बजट अलॉट किया जा सके और इनका जीर्णोद्धार किया जा सके।
पंचायतों से लिए जाएंगे प्रस्ताव
अब सरकार सरकारी स्कूलों के भवन व खेल मैदान आदि की जमीन को रिकार्ड में शिक्षा विभाग के नाम करवाएगी। इसका पूरा रिकार्ड एवं डाटा तैयार किया जाएगा। सरकारी स्कूल की जमीन की ऑनरशिप शिक्षा विभाग के नाम होगी। उसके बाद इस पूरे रिकार्ड को ऑनलाइन अपडेट किया जाएगा। इसके लिए पंचायतों से जमीन के प्रस्ताव लिए जाएंगे।
जल्द ही इस काम को पूरा किया जाएगा। सभी सरकारी स्कूलों के भवन व खेल मैदान की जमीन शिक्षा विभाग के नाम करवाई जानी है। बाद में इसका पूरा रिकार्ड ऑनलाइन होगा। इससे सरकारी संपत्ति सरकार के रिकार्ड में आ जाएगी।
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रामौतार शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी
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