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Charkhi Dadri News: नशे से करवाया किनारा, योग से जीवन संवारा...

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चरखी दादरी। जिला के योग शिक्षक लोगों को योग के साथ नशा छोड़ने के प्रति भी जागरूक कर रहे हैं। इन योग शिक्षकों की ओर से लगाई जा रही प्रतिदिन की कक्षाओं में बच्चों, युवाओं और महिलाओं को योग अपनाने व नशा छोड़ने के प्रति जागरूकता का पाठ पढ़ाया जा रहा है। योग दिवस पर इन शिक्षकों का कहना है कि आज योग विद्या का विश्व में प्रचार-प्रचार हो रहा है।
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योग दिवस आज हर देश में मनाया जाने लगा है। लोग स्वत: ही योग सीखने में रूचि ले रहे हैं। इन योग शिक्षकों का मानना है कि जहां योग है, वहां नशा नहीं होगा। योग एक साधना व तप है। जीवन में योग को सच्चे मन से उतार लिया जाए तो मानव नशे से कोसों दूर हो जाता है। पेश है विश्व योग दिवस पर योग शिक्षकों से हुई बातचीत पर आधारित एक विशेष रिपोर्ट...




- 16 साल में 20 हजार लोगों को योग क्रियाएं सीखा चुके विकास राणा
- पिछले करीब 16 साल से योग शिक्षक की भूमिका निभा रहा हूं। अब तक करीब एक हजार से ज्यादा योग कैंप लगाए हैं, जिनमें 20 हजार से ज्यादा लोगों को योग क्रियाएं करवाई गई हैं। प्रतिदिन शहर के एपीएस स्कूल में योग कक्षाएं लगा रहा हूं। योग अपनाने के साथ शिविर में लोगों को नशा से दूर रहने के लिए भी प्रेरित किया जाता है। इसके सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं। अब तक कई लोग प्रेरित होकर नशे का त्याग कर चुके हैं। मेरा मानना है कि जहां योग होगा, वहां नशा नहीं होगा।
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विकास राणा, जिला प्रभारी, भारत स्वाभिमान न्यास


15 सालों से योग का पाठ पढ़ा रहे दिनेश शास्त्री
जब से योग नये सिरे से आम जनमानस के जेहन में आया है तब से समाज में काफी बदलाव आया है। प्रतिदिन शहर के आर्य समाज मंदिर में लोगों को योगाभ्यास कराता हूं। शिविर में योग के साथ नशा के प्रति भी जागरूक किया जाता है। 15 साल में दस हजार से अधिक लोगों को योग क्रियाओं का अभ्यास करवाया जा चुका है। प्रयास रहेगा कि अंतिम सांस तक यह कार्य करूं। नशे जैसी बुराई को खत्म करने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए। योग दिवस पर लोगों को नशा छोड़ने का संकल्प करना चाहिए।
दिनेश शास्त्री, योग शिक्षक


- योग क्रियाओं के साथ नशे के दुष्प्रभाव बताते हैं सदाराम
शहर के बलिदान स्टेडियम में प्रतिदिन सुबह लोगों को योग अभ्यास कराता हूं। लोगों को नशा मुक्ति का विशेष तौर पर पाठ पढ़ाया जा रहा है। शिक्षक के पद से रिटायर होने के बाद मैं लोगों को योग विधा सिखा रहा रहूं ताकि समाज के लोग बलशाली बने और उनकी दीर्घायु हो। युवाओं को जीवन में योग शिक्षा अवश्य लेनी चाहिए। मैं लोगों को नशा छोड़ने के लिए प्रेरित कर रहा हूं। नशा समाज को खोखला कर रहा है। समाज के मौजिज लोगों को इस बुराई का खात्मा करने के लिए आगे आना चाहिए।
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सदाराम जांगड़ा, योग शिक्षक




फोटो 06
विकास राणा।

फोटो 07
दिनेश शास्त्री।
फोटो 08
सदाराम जांगड़ा।
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