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Charkhi Dadri News: स्कूलों की जमीनी हकीकत परखने पहुंचे सुशासन सहयोगी, व्यवस्थाओं का लिया जायजा

Thu, 30 Apr 2026 01:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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चरखी दादरी। जिले में शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी यशोवर्धन गाड़ेकर लगातार स्कूलों का निरीक्षण कर रहे हैं। इसी कड़ी में बुधवार को उन्होंने बाढ़डा खंड के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय काकडौली हुक्मी और राजकीय माध्यमिक विद्यालय डाडमा का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
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इस दौरान उन्होंने विद्यालयों में उपलब्ध भौतिक संसाधनों, शैक्षणिक माहौल और मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का बारीकी से अवलोकन किया।

स्कूलों की वास्तविक स्थिति को परखा
निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध करवाना और जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति को परखना रहा। गाड़ेकर ने विद्यालयों में संचालित मध्यान्ह भोजन (एमडीएम) योजना की गुणवत्ता, शौचालयों की स्वच्छता, पेयजल की उपलब्धता, डिजिटल कक्षाओं के उपयोग और कंप्यूटर लैब की कार्यप्रणाली का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने यह भी देखा कि इन संसाधनों का विद्यार्थियों की पढ़ाई में किस हद तक प्रभावी उपयोग किया जा रहा है।

विद्यार्थियों के साथ किया संवाद
निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से सीधे संवाद स्थापित कर उनके अनुभव भी जाने। छात्रों से पढ़ाई के स्तर, स्कूल में मिलने वाली सुविधाओं और शैक्षणिक गतिविधियों के बारे में जानकारी ली गई। विद्यार्थियों ने खुलकर अपनी बात रखते हुए बताया कि उन्हें किन सुविधाओं का लाभ मिल रहा है और कहां सुधार की आवश्यकता महसूस होती है। इस मौके पर विद्यालय स्टाफ के साथ भी बैठक कर शिक्षण प्रक्रिया, उपस्थिति और अन्य व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई।
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खामियों को किया चिहह्नित
निरीक्षण में सामने आया कि अधिकांश विद्यालयों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं और उनका उपयोग भी विद्यार्थियों के हित में किया जा रहा है। हालांकि कुछ स्थानों पर सुधार की आवश्यकता भी चिह्नित की गई जिन्हें जल्द दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। गाड़ेकर ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट किया कि शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
15 विद्यालयों को कर चुके निरीक्षण
गौरतलब है कि पिछले एक सप्ताह के दौरान मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी की ओर से जिले के करीब 15 विद्यालयों का निरीक्षण किया जा चुका है। यह लगातार चल रही प्रक्रिया शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर सामने लाने और उसमें सुधार के लिए प्रभावी कदम उठाने में सहायक साबित हो रही है। प्रशासन का मानना है कि ऐसे निरीक्षण से न केवल व्यवस्थाओं में पारदर्शिता आती है बल्कि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं।
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