चरखी दादरी। गत 27 व 28 दिसंबर को हुई बारिश व ओलावृष्टि के नुकसान के आकलन के लिए राजस्व विभाग विशेष गिरदावरी नहीं करेगा। विभाग सालाना फरवरी-मार्च में होने वाली सामान्य गिरदावरी की रिपोर्ट समेत क्षतिपूर्ति पोर्टल व मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर दर्ज डाटा का मिलान कर नुकसान का आकलन तैयार करेगा। सालाना फसल गिरदावरी चार फरवरी से शुरू की जाएगी।
कृषि विभाग की रिपोर्ट में जिले का कुल 25 हजार एकड़ क्षेत्र ओलावृष्टि से प्रभावित मिला है। इसमें 12,000 एकड़ में 50 से 75 प्रतिशत तक नुकसान का आकलन किया गया है। यह नुकसान सरसों की फसल में ज्यादा मिला है। इसी प्रकार, शेष 13 हजार एकड़ में कहीं 1 से 25 तो कहीं 25 से 50 प्रतिशत तक हुआ है। यह नुकसान 35 गांवों में हुआ है।
28 दिसंबर को हुई ओलावृष्टि से सरसों व गेहूं के अलावा सभी प्रकार की फसल में नुकसान हुआ है। जिले का कुल कृषि योग्य रकबा एक लाख 22 हजार 358 हेक्टेयर है। उस समय कृषि विभाग की 20 अधिकारियों व कर्मचारियों की टीमों ने दो दिन में नुकसान की रिपोर्ट तैयार की थी। टीमों ने गांवों में फसल में नुकसान का जायजा लिया था।
किसान संगठन उठा रहे विशेष गिरदावरी की मांग : किसान संगठन ने डीआरओ को िज्ञापन दिया जा चुका है। सरकार ने क्षतिपूर्ति पोर्टल के माध्यम से नुकसान की शिकायत दर्ज की है। जिले भर में करीब 67 हजार किसान खेती करते हैं। संवाद