फोटो 08 चरखी दादरी नागरिक अस्पताल। संवाद
- मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने जांच के बाद दादरी नागरिक अस्पताल में तैनात पूर्व प्रयोगशाला तकनीशियन के खिलाफ दर्ज कराया केस, करीब चार माह पहले हटा चुका जिला स्वास्थ्य विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिला स्वास्थ्य विभाग में फर्जी प्रमाणपत्र के जरिये लैब तकनीशियन भर्ती होकर अजय 3 साल 7 माह तक विभाग से वेतन लेता रहा। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की जांच में फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। इस संबंध में अब शहर पुलिस थाना में केस दर्ज कराया गया है।
पुलिस को दी शिकायत में मुख्यमंत्री उड़नदस्ते से एसआई कर्मवीर सिंह ने बताया कि उन्हें सूचना मिली कि अजय नामक शख्स दादरी नागरिक अस्पताल में फर्जी प्रमाणपत्र के सहारे एनएचएम भर्ती में लैब तकनीशियन हुआ है। उसकी डिग्री फर्जी है। इस आधार पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने मामले की जांच शुरू की।
जांच के दौरान पाया गया कि सिविल सर्जन कार्यालय में लैब तकनीशियन पद पर अनुबंध के आधार पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन में योग्यता मान्यता प्राप्त संस्थान से बीएससी इन लैब टेक्नोलॉजी या डिप्लोमा इन लैब टेक्नोलॉजी रखी गई थी। एक दिसंबर 2020 और 20 सितंबर 2021 को जारी हुए मेमो में अनुबंध के आधार पर कर्मचारियों की भर्ती के लिए चयन मानदंड जारी किए गए थे। वहीं, भर्ती के लिए उपायुक्त ने सिविल सर्जन व दो सिविल सर्जन की कमेटी गठित की थी।
- 9 जुलाई 2021 को हुई थी आरोपी की नियुक्ति
एसआई कर्मवीर सिंह ने बताया कि आरोपी अजय एनएचएम के तहत 9 जुलाई 2021 को लैब तकनीशियन भर्ती हुआ था। उसने लैब तकनीशियन का कोर्स अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर स्थित हिमालयन विश्वविद्यालय से करने का प्रमाणपत्र जमा कराया था।
- विश्वविद्यालय में नहीं मिला प्रमाणपत्र का रिकॉर्ड
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता ने आरोपी की ओर से जमा कराया गया प्रमाणपत्र सत्यापित करने के लिए हिमालयन विश्वविद्यालय से पत्राचार किया। वहां से जवाब भेजा गया। उसमें बताया गया कि जो प्रमाणपत्र जमा कराया गया है, उसका विश्वविद्यालय में कोई रिकॉर्ड नहीं है। इससे स्पष्ट हुआ कि आरोपी ने फर्जी प्रमाणपत्र जमा करवाकर और सांठगांठ कर नौकरी पाई।
- चार माह पहले आरोपी को हटा चुका विभाग
सूत्रों की मानें तो करीब चार माह पहले जिला स्वास्थ्य विभाग आरोपी को हटा चुका है। इससे पहले उसने 3 साल 7 माह तक वेतन लिया। बताया जा रहा है कि रिकवरी करने के बजाय अधिकारियों ने अपनी खाल बचाने के लिए आनन-फानन उसे हटाने की कार्रवाई की। वहीं, यह चूक उजागर होने के बाद विभाग की भर्ती प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं।
वर्सन
सूचना के आधार पर मामले की जांच की गई। इस संबंध में हमने शहर पुलिस थाने में शिकायत दे दी है। इसके आधार पर केस दर्ज किया गया। जांच के दौरान अगर किसी अन्य की संलिप्तता सामने आती है तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी।
-कर्मवीर सिंह, एसआई, मुख्यमंत्री उड़नदस्ता