चरखी दादरी। लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के चार गुर्गाें को पुलिस ने शनिवार को कोर्ट में पेश किया। वहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। हालांकि इससे पहले रिमांड अवधि के दौरान आरोपियों ने कई राज खोले हैं और उनके आधार पर पुलिस जांच में जुटी है।
बता दें कि गत बुधवार को सीआईए टीम ने चांदवास बणी से डांडमा निवासी अंकित उर्फ धोलिया, अजय उर्फ भोला, द्वारका निवासी आशुराज उर्फ लक्की और ढाब ढाणी निवासी रविंद्र उर्फ मिंटू को गिरफ्तार किया था। उनके पास से पुलिस को एक पिस्तौल, 16 कारतूस, चार बुलेट प्रूफ जैकेट, चार बुलेट प्रूफ हेलमेट और एक डोंगल व मोबाइल बरामद किया था।
प्रारंभिक पूछताछ के दौरान सामने आया था कि सभी आरोपी लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े झज्जर निवासी और फिलहाल कैलिफोर्निया में रह रहे अक्षय के संपर्क में थे।
पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश कर आगामी पूछताछ के लिए दो दिन के रिमांड पर लिया था। शनिवार को रिमांड अवधि पूरी होने के बाद पुलिस ने उन्हें दोबारा कोर्ट में पेश किया और वहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
- पांच लाख रुपये की है बुलेट प्रूफ जैकेट और हेलमेट
पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपियों से जो बुलेट प्रूफ जैकेट और हेलमेट बरामद हुए हैं उनकी कीमत करीब पांच लाख रुपये है। यह जांच का विषय है कि आरोपियों को ये सामान अक्षय के कहने पर किसने और कहां से उपलब्ध कराया। सूत्रों के अनुसार झज्जर पुलिस भी अपने स्तर पर मामले की जांच कर रही है।
दो दिन की रिमांड अवधि पूरी होने के बाद चारों आरोपियों को शनिवार को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। मामले की जांच अभी चल रही है।
दिलबाग सिंह, प्रभारी, सीआईए