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तीसरे दिन भी किसान का नहीं कराया पोस्टमार्टम, पीजीआई में रखा है शव

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रामनगर धरनास्थल पर मौजूद किसान। - फोटो : CharkhiDadri
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खातीवास निवासी मृतक किसान धर्मपाल का बुधवार को तीसरे दिन भी पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। मृतक का शव पीजीआई के शवगृह में रखा हुआ है। मौत के तीसरे दिन झज्जर जिले के धरनास्थल पर हरियाणा स्वाभिमान आंदोलन समिति और विभिन्न किसान संगठनों की बैठक भी हुई। इसमें बुधवार रात दस बजे तक मांगें नहीं मानने पर वीरवार सुबह रेल रोकने का फैसला लिया गया। आंदोलन संयोजक रमेश दलाल ने धरनास्थल पर पहुंचे झज्जर डीसी को भी इसकी जानकारी दी। डीसी ने समिति की मांगे उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। लेकिन एक करोड़ की सहायता राशि और बेटे को नौकरी देने की मांग पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई।
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हरियाणा स्वाभिमान आंदोलन समिति की मांगों पर प्रशासन ने अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं की है। वहीं, परिजनों ने मांगें पूरी होने तक शव का पोस्टमार्टम और दाह-संस्कार करने से इनकार कर पहले ही कर रखा है। मृतक के परिजनों ने मंगलवार को हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव, चरखी दादरी डीसी और पीजीआई निदेशक को भी पत्र लिखा था। गौरतलब है कि खातीवास निवासी किसान धर्मपाल का सोमवार को हृदय गति रुकने से देहांत हो गया था। मृतक किसान के शव को परिजन सिविल अस्पताल ले आए थे। इसके बाद सिविल अस्पताल में काफी संख्या में किसान पहुंच गए थे। वहीं, सिविल अस्पताल पहुंचे रमेश दलाल ने मृतक का पोस्टमार्टम पीजीआई में बोर्ड से कराने की पहली मांग रखी थी। इसे प्रशासन ने मान लिया था। सिविल अस्पताल में रमेश दलाल ने सरकार से मृतक के परिवार को एक करोड़ की आर्थिक सहायता और बेटों को नौकरी देने की मांग की थी। सोमवार शाम करीब साढ़े चार बजे मृतक के परिजन शव पीजीआई ले गए थे। सोमवार को परिजनों ने मृतक का शव हरियाणा स्वाभिमान आंदोलन समिति को सौंप दिया था।
बुधवार सुबह रामनगर धरना संयोजक समिति के पदाधिकारी और किसान झज्जर धरनास्थल के लिए रवाना हुए। रामनगर धरनास्थल पर करीब तीस से 35 किसान ही मौजूद रहे। रामनगर धरना संयोजक विनोद मौड़ी ने बताया कि बुधवार को झज्जर डीसी से धरनास्थल पर करीब आधे घंटे तक बैठक हुई। बैठक में किसानों की मांगें उनके सामने रखी गईं और इन मांगों को बुधवार रात दस बजे तक पूरा करने का समय डीसी को दिया गया। उन्होंने बताया कि अगर मांगें पूरी नहीं होती है तो वीरवार सुबह नौ बजे रेल रोकने का ऐलान कर दिया जाएगा।
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धरना स्थल पर प्रशासन रख रहा पैनी नजर
पिछले सात दिनों में धरने से जुड़े दूसरे किसान की मौत हुई है। पहले ढाणी फौगाट निवासी किसान राम अवतार का दाह-संस्कार तीसरे दिन किया गया था। अब खातीवास निवासी किसान धर्मपाल की मौत को तीन दिन हो चुके हैं, लेकिन परिजन अभी तक पोस्टमार्टम कराने को तैयार नहीं हैं। वहीं, जिला प्रशासन रेल रोको आंदोलन के मद्देनजर रामनगर धरनास्थल पर पैनी नजर रखे हुए है। चरखी दादरी के डीसी धर्मवीर सिंह ने कहा कि मेरी अपील है कि मृतक किसान का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजन अंतिम संस्कार कर दें। किसानों की जायज मांगों को उच्चाधिकारियों के सामने रखने के लिए प्रशासन तैयार है।
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