गांव खातीवास निवासी मृतक किसान धर्मपाल का शनिवार को छठे दिन भी पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। हरियाणा स्वाभिमान आंदोलन समिति ने सरकार को मांगें पूरी करने के लिए सोमवार तक का समय दिया है। किसान नेताओं का कहना है कि अगर मांगें पूरी नहीं हुई तो फिर बड़ा फैसला लेंगे और इसका एलान धरनास्थल पर कर दिया जाएगा। वहीं, शुक्रवार को डीसी के साथ हुई वार्ता भी किसान नेताओं ने विफल बताई है। रामनगर के समीप धरने पर बैठे किसानों ने शनिवार को नारेबाजी कर रोष जाहिर किया।
शनिवार देर शाम करीब छह बजे हरियाणा स्वाभिमान आंदोलन संयोजक एडवोकेट रमेश दलाल रामनगर धरनास्थल पर पहुंचे। धरना संयोजक समिति ने उन्हें शुक्रवार को डीसी के साथ हुई वार्ता की जानकारी दी। विनोद मौड़ी ने बताया कि डीसी धर्मवीर सिंह ने मांगों पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए शाम छह बजे तक का समय मांगा था लेकिन देर रात तक उनकी तरफ से कोई संदेश नहीं आया और उनके साथ हुई वार्ता विफल रही। वहीं, रमेश दलाल ने बताया कि जब तक समिति की मांगें पूरी नहीं की जाएंगी तब तक धर्मपाल के शव का पोस्टमार्टम नहीं करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी करने के लिए सरकार को अब सोमवार सुबह तक का समय दिया गया है। इस समयावधि में सरकार ने मांगें पूरी नहीं की तो फिर किसान मजबूरन बड़ा फैसला लेंगे और इसकी जिम्मेदारी सरकार और जिला प्रशासन की होगी।
क्या है मामला
गांव खातीवास निवासी किसान धर्मपाल की गत 12 अगस्त को घर पर सुबह छह बजे मौत हो गई थी। मृतक के परिजनों ने पुलिस बयान में बताया था कि उनकी साढ़े तीन एकड़ जमीन एनएच-152 डी के तहत अधिगृहीत होनी प्रस्तावित है। उन्हें बेहद कम मुआवजा राशि मिल रही है और खेती-बाड़ी से ही उनकी आजीविका चलती है। जमीन अधिग्रहण होने के बाद वो भूमिहीन हो जाएंगे। धर्मपाल इसके चलते तनाव में था और इसी तनाव के चलते उसकी मौत हुई। मृतक के परिजनों ने धर्मपाल का शव हरियाणा स्वाभिमान समिति को सौंप रखा है और शव रोहतक पीजीआई के शव गृह में रखा हुआ है। हरियाणा स्वाभिमान आंदोलन समिति की मांग है कि मृतक किसान के परिजनों को एक करोड़ की सहायता राशि और बेटे को नौकरी मिले।