चरखी दादरी। बिगड़ते प्राकृतिक संतुलन को लेकर वैज्ञानिकों सहित हर कोई चिंता व्यक्त कर रहा है। यह बात विश्व पर्यावरण दिवस पर अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. जयेंद्र सिंह ने कही। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा इस साल वन विभाग के माध्यम से लगभग छह लाख 46 हजार पौधे लगाए जाएंगे। इन पौधों को ग्राम पंचायतों, सरकारी स्कूलों, समाजसेवी संस्थाओं आदि को मुफ्त बांटा जाएगा।
इसके लिए वन विभाग की छह नर्सरियों में विभिन्न प्रजातियों के पौधे तैयार किए गए हैं। उन्होंने कहा है कि हर साल पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। कहने को तो इस दिन वातावरण को लेकर कई कदम उठाए जाते हैं। लेकिन वास्तव में पर्यावरण दिवस पर आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों से अलग हम सबको मिलकर काम करने की जरूरत है। इस दिन पौधे तो बहुत बड़ी संख्या में लगाए जाते हैं लेकिन अगले दिन से ही उनकी देखभाल करने के लिए कोई नहीं होता है। ऐसे में हम सभी को पौधरोपण से लेकर उनके पेड़ बनने तक देखभाल करने की जरूरत है। प्राकृतिक असंतुलन के कारण ग्लेशियर पिंघल रहे हैं और समुद्र का जलस्तर ऊपर आता जा रहा है जोकि मानव जाति के लिए खतरे की घंटी है। ऐसे में अगर पौधारोपण कर उनकी देखभाल की ओर सकारात्मक कदम उठाए जाएं जो प्रकृति का संतुलन दोबारा सही हो सकता है।
64 प्रजातियों की मिलेंगी पौध
जिला वन अधिकारी दिलीप सिंह ने बताया कि मानसून सीजन में शुरू होने वाले पौधरोपण अभियान के लिए नर्सरी में पौधों की खेप तैयार है। विभाग की गांव रामनगर कपूरी, बरसाना, सांजरवास, बाढड़ा, बिंद्राबन एवं बडेसरा में 3 लाख 88 हजार पौधे पॉली बैग में तैयार हैं। इसके अलावा 6 इंच से एक फुट तक के 14730 पौध, एक से दो फुट तक की ऊंचाई के 83115 पौधे, दो फुट तक के 12270 पौधे सहित कुल 4 लाख 88 हजार 595 पौधे रोपित किए गए हैं। इन नर्सरियों में 30 बाई 45 आकार के पॉली बैग में दो फुट से कम आकार के 72833, दो से चार फुट तक के 29221, चार से 6 फुट तक के 30717 व 6 फुट से अधिक ऊंचाई के 13675 पौध मौजूद हैं। 64 प्रजातियों की पौध रोपित की जाएंगी।