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सिविल अस्पताल परिसर में एक करोड़ से बनेगा ट्रेनिंग सेंटर

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सिविल अस्पताल परिसर में अब चिकित्सकों समेत अन्य मेडिकल स्टाफ के लिए ट्रेनिंग सेंटर बनाया जाएगा। इसकी स्वीकृति के साथ एक करोड़ रुपये का बजट भी मिल चुका है। ट्रेनिंग सेंटर आधुनिक संसाधनों से लैस होगा और सीधे तौर पर करीब जिला मेडिकल स्टाफ के 800 सदस्यों को फायदा होगा। पीडब्ल्यूडी इसके लिए भवन का निर्माण करवाएगा और स्वास्थ्य विभाग ने प्रपोजल तैयार करने के लिए पत्र लिख दिया है। इस कार्य को जल्द से जल्द सिरे चढ़ाया जाएगा क्योंकि इसके लिए एक करोड़ का बजट जिला स्वास्थ्य विभाग के पास पहुंच चुका है।
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100 बेड के सिविल अस्पताल को अपग्रेड करने के साथ इसकी सुविधाओं और संसाधनों का दायरा बढ़ाने की दरकार है। इसी कड़ी में हाल ही में स्वास्थ्य विभाग ने एक तरफ जहां आंखों के ऑपरेशन शुरू करने के लिए नया ब्लॉक बनाने की योजना तैयार की है तो दूसरी ओर चिकित्सकों समेत स्टाफ नर्सों, एएनएम और अन्य मेडिकल स्टाफ को बेहतर प्रशिक्षण देने के लिए सुविधाओं से युक्त ट्रेनिंग सेंटर बनाने की योजना को सिरे चढ़ाने की कवायद शुरू कर दी है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि करीब छह माह पहले यह योजना तैयार की गई थी और इसके लिए एक करोड़ का बजट भी पहुंच चुका है। पीडब्ल्यूडी की मार्फत अस्पताल परिसर की खाली जगह पर ट्रेनिंग सेंटर का निर्माण करवाया जाना है। ट्रेनिंग सेंटर बनने के बाद मेडिकल स्टाफ को काफी सहूलियत मिलेंगी। जिला मेडिकल स्टाफ सदस्यों की संख्या 800 से अधिक हैं और एक साल में उनकी 40 से अधिक ट्रेनिंग होती हैं।
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- चीफ आर्किटेक्ट को भेजा जाएगा साइट प्लान
डिप्टी सीएमओ संजय गुप्ता ने बताया कि ट्रेनिंग सेंटर निर्माण के लिए एस्टिमेट और प्रपोजल तैयार करने के लिए पीडब्ल्यूडी को पत्र भेजा जा चुका है। साइट प्लान तैयार कर पीडब्ल्यूडी स्वास्थ्य विभाग को देगा और अगली प्रक्रिया के लिए साइट प्लान को विभाग को चीफ आर्किटेक्ट के पास भेजेगा। इसके बाद पीडब्ल्यूडी अधिकारी टेंडर आमंत्रित कर निर्माण कार्य शुरू करवा देंगे।
- ये होती हैं ट्रेनिंग
स्वास्थ्य विभाग की ओर से साल में नियमित तौर पर अलग-अलग बीमारियों पर जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं। इसके तहत टीमें कैंप लगाती हैं और गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करती हैं। इसके लिए पहले टीमों को प्रशिक्षण दिया जाता है। इसी प्रकार गंभीर बीमारियों के संबंध में चिकित्सकों को भी समय-समय पर प्रशिक्षण दिया जाता है। मेलरिया, डेंगू, चिकनगुनिया और अन्य बीमारियों को लेकर भी वर्कशॉप आयोजित होती हैं।
सिविल अस्पताल में ट्रेनिंग सेंटर निर्माण की योजना को हम जल्द सिरे चढ़ा लेंगे। साइट प्लान तैयार करने के लिए हमने पीडब्ल्यूडी को लिख दिया है। एक करोड़ का बजट हमारे पास आ चुका है। ट्रेनिंग सेंटर बनने से मेडिकल स्टाफ को काफी लाभ होगा।
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सुदर्शन पंवार, सीएमओ, चरखी दादरी।
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