बौंदकलां खंड में बारिश से फसलों को हुए नुकसान का बीमा कंपनी की ओर से करवाए सर्वे के बाद जिले में 445 किसानों के आवेदनों को रद्द कर दिया गया है।
किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा कंपनी के माध्यम से कपास, धान और बाजरे की फसल का इंश्योरेंस करवा रखा है। मानसून सीजन के दौरान बरसाती पानी भरने से फसलों में नुकसान हुआ था। किसानों ने 72 घंटे के अंतराल में कृषि विभाग को आवेदन किया था। इसके बाद बीमा कंपनी और कृषि विभाग ने अगस्त और सितंबर में मौके पर जाकर फसल नुकसान की आंकलन रिपोर्ट तैयार की थी।
इस रिपोर्ट में बौंदकलां के किसान रामपाल, महेंद्र सिंह, सुखदेव, प्रमोद, जयकिशन गोयल, मोहन, विजयबीर, सतेंद्र, मुलतान सिंह, मूल सिंह, अशोक कुमार, धर्म सिंह,बिजेंद्र शर्मा, जागेराम, जगदीश, ओमबीर, संदीप सिंह, बलबीर, विनोद, हेमंत, विकास, अमित, जंगबीर और सरवेश सहित अकेले बौंदकलां खंड में 150 के करीब किसानों के आवेदन रद्द कर दिए गए हैं।
किसानों ने कहा कि 31 जुलाई तक फसल बीमा योजना के तहत आवेदन किए गए थे। इंश्योरेंस कंपनी की ओर से ऑब्जेक्शन लगाने पर किसानों ने रिमूव करवा दिए थे। इंश्योरेंस कंपनी की ओर से आंकलन रिपोर्ट तैयार करने के तीन महीने बाद आवेदन रद्द करना किसानों के साथ अन्याय है। पूरे जिले के 445 किसानों के फसल बीमा योजना के आवेदन रद्द किए गए हैं।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जिले के 445 आवेदन रद्द किए गए हैं। रद्द करने का कारण जमीन का ज्वाइंट खाता होना, जमीन के कागजात साफ तरीके से अपलोड नहीं करना और चकबंदी वाले गांवों के किसानों द्वारा फर्द पटवारी से वेरिफिकेशन नहीं होना है। कंपनी रद्द आवेदनों की जांच कर रही है।
दिवेश शर्मा, एरिया मैनेजर, बजाज एलायंस फसल इंश्योरेंस कंपनी
किसानों का अधिकतर जमीनी रिकॉर्ड सामूहिक होता है। किसानों के आवेदन साझा खाता होने पर रद्द करना गलत है। इस बारे में फसल बीमा कंपनी से रिपोर्ट मांगी गई है।
जितेंद्र सिंह, तकनीकी सहायक, कृषि विभाग