चरखी दादरी। किसानों की कृषि जमीन की यूनिक आईडी बनाने में आ रही तकनीकी त्रुटियाें एवं बाधाओं को दूर करवाने के लिए राजस्व विभाग हरकत में आ गया है। डीआरओ ने इसके लिए मुख्यालय स्थित आईटी विशेषज्ञ को पत्र लिखा है। अब जल्द ही किसानों की इस समस्या का समाधान होने की उम्मीद है। जिले में करीब 67 हजार किसान खेती करते हैं। करीब 36 हजार किसान पीएम सम्मान किसान निधि का फायदा उठा रहे हैं।
इस प्रकार आ रही दिक्कतें
जिले के गांव ढाणी फोगाट की कृषि जमीन फोगाट गांव के पोर्टल पर दिख रही है जबकि फोगाट की जमीन ढाणी फोगाट के पोर्टल पर शो रही है। इसी प्रकार गांव गुडाना व ढाणी फोगाट में चकबंदी न होने से किसानों की कृषि जमीन की यूनिक आईडी नहीं बन पा रही हैं। किसान आए दिन कार्यालयों के चक्कर काटने को विवश हैं।
सरकार ने मकानों एवं प्लॉट की प्रॉपटी आईडी बनाने के बाद अब खेती की जमीन की भी प्रत्येक किसान की यूनिक आईडी बनाने का काम शुरू कर रखा है। यूनिक आईडी के माध्यम से किसान को उसकी जमीन का पूरा विवरण ऑनलाइन देखने को मिलेगा। किसान को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आएगी। आईडी बनने से किसान के हिस्से में मौजूद पूरी जमीन दर्शाई जाएगी। जमीन की रजिस्ट्री बनवाने, खरीद एवं फरोख्त करने में सुगमता हो सकेगी। किसान का अपना अलग हिस्सा दिखाई देगा।
अधिकतर गांवों में किसानों की खतूनी इक्ट्ठी हैं ऐसे में उन परिवारों को काफी दिक्कतें आ रही है। खतूनी इक्ट्ठी होने की वजह से कई बार आपसी विवाद भी होते रहते हैं। सरकार की ओर से जब इस जमीन का अधिग्रहण किया जाता है तो मिलने वाले मुआवजा के बंटवारे की वजह से भी जमीन के हिस्सेदारों में विवाद होते रहे हैं।
इस समय जिले में यूनिक आईडी बनाने का काम गांव स्तर पर जारी है। कृषि, राजस्व विभाग के कर्मचारी गांवों में शिविर लगाकर किसानों की आईडी बना रहे हैं। आईडी बनवाने के लिए आधार कार्ड, मोबाइल नंबर आदि की जरूरत होती है। कई गांवों में जमाबंदी और आधार कार्ड में किसान का नाम एक जैसा नहीं की वजह से भी दिक्कत बन रही है।
गांव ढाणी फोगाट में आजादी के बाद से चकबंदी नहीं हुई है। गांव का जमीनी रिकार्ड दुरुस्त नहीं हो सका है, ऐसे में गांव के किसानों को अनेक प्रकार की कागजी दिक्कतें आ रही हैं।
वर्सन :
किसानों की समस्या का जल्द समाधान करवा दिया जाएगा। तकनीकी खामियां दूर करवाने के लिए आईटी प्रमुख को पत्र लिख दिया है। कुछ ही दिन में यह दिक्कत दूर हो जाएगी। सभी किसान जमीन की यूनिक आईडी बनवाएं।- राजकुमार भौरिया, जिला राजस्व अधिकारी, दादरी।