चरखी दादरी। शहर के बाहरी क्षेत्रों में बसी कॉलोनियां वैध नहीं होने से करीब पांच हजार लोग परेशान हैं। इन लोगों को सीवर-पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसी शहर में एक-दो नहीं बल्कि दस कॉलोनियां हैं। वहीं, नप अधिकारियों का कहना है कि इन कॉलोनियों को वैध कराने का प्रयास किया जा रहा है और जल्द ही इस समस्या से लोगों को राहत मिल जाएगी।
राज्य सरकार की घोषणा के बाद शहर में करीब 10 अवैध कॉलोनियां सीवर, स्ट्रीट लाइट, सड़क, पेयजल व अन्य मूलभूत सुविधाएं मिलने के इंतजार में हैं। पिछले दिनों सरकार ने घोषणा की थी कि प्रदेश भर में करीब 800 अवैध कॉलोनियों को वैध किया जाएगा। इन कॉलोनियों में आवश्यक मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। शहर में कई कॉलोनियां तो 35 साल से आबाद हैं लेकिन उनमें आज भी कच्ची गलियां ही हैं जिससे नागरिक परेशान हैं। नगर परिषद की ओर से दो बार प्रस्ताव सरकार को भेजा जा चुका है इसके बावजूद नगर की पांच हजार की आबादी इन मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। बीते नगर परिषद चुनाव में इन लोगों के शहरी मतदाता सूची से नाम भी काटे गए हैं।
गत कांग्रेस सरकार के शासनकाल में दादरी नगरपालिका को नगर परिषद का दर्जा दिया गया था। दर्जा तो मिल गया लेकिन नगर की लाल डोरा की सीमा यानी नगर परिषद का दायरा नहीं बढ़ाया गया। यही वजह रही है कि इस समय 10 से ज्यादा कॉलोनियों में नगर परिषद की ओर से सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं मुहैया नहीं करवाई जा रही है। ये कॉलोनियां नगर परिषद के लाल डोरा की सीमा पर बसी हुई है। शहर के चारो ओर ये कॉलोनियां आबाद हैं। कॉलोनियों में रहने वाले लोग अपने क्षेत्र को वैध करने की आवाज समय- समय पर उठाते आ रहे हैं।
इन क्षेत्रों में आबाद हुई कॉलोनियों को वैध होने का इंतजार
रोहतक रोड क्षेत्र, दिल्ली बाईपास क्षेत्र, ढाणी रोड क्षेत्र, घिकाड़ा रोड व महेंद्रगढ़ रोड क्षेत्र में आबाद हुई कॉलोनियों को वैध होने का इंतजार है। इन कॉलोनियों के लोगों का कहना है कि शहर में रहने के बावजूद उन्हें मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल ना रही हैं। वो कच्ची गलियों के साथ सीवर व पेयजल लाइन की कमी का दंश भी झेल रहे हैं। इन कॉलोनियों में स्ट्रीट लाइटें भी नहीं हैं।
लोग बोले: कॉलोनी को वैध कर मूलभूत सुविधाएं दें सरकार
शहर के ढाणी रोड क्षेत्र निवासी पूर्व सैनिक धर्मबीर सिंह, कश्मीर सिंह, सतबीर सिंह, विजय फौगाट व जयसिंह का कहना है कि लंबा समय गुजर जाने के बाद उनकी कॉलोनी वैध नहीं हुई है। सरकार को जल्द से जल्द उनकी कॉलोनी को वैध कर मूलभूत सुविधाएं मुहैया करानी चाहिए। इनका कहना है कि कुछ समय पहले उनके शहरी मतदाता सूची से नाम भी काट दिए गए हैं।
हाउस की बैठक जल्द आयोजित की जाएगी और उसमें इस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी। हमारा प्रयास है कि इस संदर्भ में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास कर सरकार को भेजा जाए और जल्द से जल्द इन कॉलोनियों को वैध कराया जाए।
बक्शीराम सैनी, चेयरमैन, नगर परिषद