पुरानी अनाज मंडी में सुनसान पड़ा खाद-बीज वितरण केंद्र।
चरखी दादरी। जिले के सहकारी खाद बीज बिक्री केंद्र पर पिछले पांच दिनों से खाद नहीं पहुंची है। इससे किसानों में रोष बना है। खाद लेने आए किसानों का कहना है वह सुबह से भागमभाग कर रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें खाद नहीं मिल पाई। बिजाई का समय पूरा होने के बावजूद सरकार और प्रशासन समय पर खाद मुहैया करवाने में नाकाम रहा है।
पुरानी अनाज मंडी स्थित द जमीदारा सहकारी खाद और बीज केंद्र पर लगातार पांचवें दिन भी खाद नहीं पहुंची। विभिन्न गांवों से सुबह जल्दी खाद वितरण केंद्र पर पहुंचे किसानों को बैरंग लौटना पड़ा। इससे पहले उन्होंने मौजूदा व्यवस्था पर रोष जताया और सरकार, प्रशासन से समय पर किसानों को खाद मुहैया करवाने की मांग की।
केंद्र पर खाद लेने पहुंचे किसानों का कहना है कि खाद लेने के लिए पिछले कई दिनों से चक्कर लगा रहे हैं। हर बार खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। स्थानीय कर्मचारी उन्हें हर बार खाद न होने की जानकारी दे रहे हैं। अगर उन्होंने समय पर बिजाई नहीं की तो उन्हें नुकसान झेलना पड़ेगा। वहीं, खाद बीज वितरण केंद्र के अधिकारी का कहना है कि आते ही उपलब्ध खाद किसानों को बांट देते हैं। विभिन्न गांवों से खाद लेने आए किसानों का कहना है कि उन्हें खाद का एक भी बैग नहीं दिया गया।
55,000 हेक्टेयर में सरसों तो 45,000 हेक्टेयर में होगी गेहूं की बिजाई
जिले में इस बार 55,000 हेक्टेयर जमीन पर सरसों और 45,000 हेक्टेयर रकबे में गेहूं की बिजाई का अनुमान है। इसके बावजूद सहकारी खाद-बीज केंद्र से केवल 3,000 किसान ही लाइनों में लगकर खाद के 12,000 बैग ले पाए हैं। ऐसे में शेष किसान लगातार चक्कर लगाने के लिए मजबूर हैं।