चरखी दादरी। मानसून सीजन में बारिश के कारण बिजली व्यवस्था प्रभावित हो रही है। हल्की बारिश और तेज हवा के दौरान बिजली की लाइनों में बार-बार फॉल्ट आने से उपभोक्ताओं को घंटों तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, बिजली निगम के कर्मचारियों को भी खराब मौसम में फॉल्ट ढूंढ़ने और उन्हें ठीक करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। जिले में 12 हजार बिजली के पोल लगे हुए हैं। 354 फीडर बना रखे हैं।
शहर में बिजली आपूर्ति दो पावर सब-स्टेशनों के माध्यम से की जाती है। इनसे जुड़े करीब 15 फीडरों के जरिए विभिन्न कॉलोनियों में बिजली आपूर्ति की जाती है। कई स्थानों पर पेड़ों की टहनियां बिजली की लाइनों से सटती हैं। नमी और टहनियों के संपर्क में आने से स्पार्किंग होने लगती है, जिससे लाइन में ट्रिपिंग और ब्रेकडाउन की समस्या पैदा हो जाती है। कई बार फ्यूज उड़ने या तार क्षतिग्रस्त होने के कारण लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है।
उपभोक्ता पूर्व सैनिक धर्मबीर सिंह, पूर्व सैनिक सुखवीर सिंह, सुमित ने बताया कि इस समय उमस भरी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर रखा है, ऊपर से बिजली गायब होने पर बेहद परेशानी होती है। उन्होंने बताया कि बिजली के बिना एक मिनट भी काम नहीं चल पाता। आजकल घरों में बिजली चालित उपकरण भी ज्यादा लगे हुए हैं। वाशिंग मशीन, फ्रीज, प्रेस, मिक्सी, एसी व पेयजल मोटर आदि उपकरण तकरीबन घरों में लगे हुए हैं।
बारिश के दौरान फॉल्ट आने पर बिजली निगम के कर्मचारियों को सबसे पहले प्रभावित क्षेत्र का पता लगाना पड़ता है। इसके बाद बारिश और जलभराव के बीच लाइन की जांच कर खराबी को दूर किया जाता है। कई बार एक ही दिन में अलग-अलग स्थानों पर कई फॉल्ट आने से मरम्मत कार्य में अधिक समय लग जाता है। ऐसे में संबंधित क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को घंटों तक बिजली का इंतजार करना पड़ता है।
बिजली कट से बढ़ी परेशानी
बिजली कटौती का असर घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर भी पड़ रहा है। बिजली नहीं होने से पेयजल आपूर्ति, छोटे उद्योग, दुकानें और अन्य आवश्यक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उमस भरे मौसम में लंबे समय तक बिजली गुल रहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पेड़ों की होती है छंटाई
बिजली निगम के कर्मचारी फॉल्ट को ठीक करने का प्रयास करते हैं जहां भी पेड़ों की टहनियां बिजली लाइनों के संपर्क में आने की संभावना होती है, वहां उनकी छंटाई भी करवाई जाती है। इसके बावजूद कई बार अचानक फॉल्ट आ जाते हैं। निगम ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि बारिश के दौरान टूटे हुए बिजली के तारों या स्पार्किंग की स्थिति में उनके पास न जाएं और इसकी सूचना संबंधित बिजली कार्यालय या शिकायत केंद्र पर दें ताकि समय रहते फॉल्ट को दूर कर बिजली आपूर्ति सामान्य की जा सके।
वर्सन:
बिजली निगम समय-समय पर बिजली की तारों को दुरुस्त करता है। केबल भी नहीं लगाई गई हैं। पर्याप्त मात्रा में निर्धारित दूरी पर पोल लगाए गए हैं। बारिश की वजह से फाॅल्ट आ जाते हैं। इन फॉल्ट को समय रहते ठीक करवा दिया जाता है।
- रामसिंह, एसडीओ, बिजली निगम।