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Charkhi Dadri News: पिता ने लगाए हौसलों को पंख, पहलवान बेटी ने छू लिया आसमान...

Sat, 17 Jun 2023 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
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जीत के बाद तिरंगा लहराती रचना परमार।
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मनोज राजपूत
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चरखी दादरी। बौंदकलां की महिला पहलवान रचना परमार ने हाल ही में किर्गिस्तान में आयोजित कुश्ती की एशियन चैंपियनशिप में देश को स्वर्णिम सफलता दिलाकर क्षेत्र का मान बढ़ाया है। महिला पहलवान ने अपनी उपलब्धि का श्रेय सरपंच रह चुके पिता अजीत नंबरदार को दिया है।
रचना का कहना है कि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उसे पिता से हरसंभव सहयोग मिला और इसी की बदौलत वो अपना पहला अंतरराष्ट्रीय पदक जीतने में कामयाब हुई। एशियन चैंपियनशिप में रचना ने किर्गिस्तान, जापान और कजाकिस्तान की पहलवानों को पटकनी दी।
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बता दें कि 10 से 14 जून तक किर्गिस्तान में आयोजित हुई एशियन कुश्ती चैंपियनशिप के अंडर 17 आयुवर्ग के 40 किलोग्राम भारवर्ग में रचना ने लगातार चार मुकाबले जीतकर स्वर्ण पदक हासिल किया। 15 वर्षीय रचना को बचपन से ही कुश्ती का शौक था। 11 वर्षीय रचना राष्ट्रीय स्तर पर भी कई उपलब्धियां हासिल कर चुकी है जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रचना का यह पहला पदक है।
रचना के पिता अजीत नंबरदार और मां क्षमा रानी का सपना है कि बेटी ओलंपिक में देश को स्वर्ण पदक दिलाए। माता-पिता के इस सपने को साकार करने के लिए रचना कड़ी मेहनत कर आगे बढ़ रही है। बौंदकलां के नरेश अखाड़ा से कुश्ती के गुर सीखने वाली रचना परमार ने चार वर्ष के अंदर ही कुश्ती में अपनी अमिट छाप छोड़ दी है। साधारण परिवार एवं सीमित संसाधन होने के बावजूद भी वो अपनी मेहनत के दम पर यहां तक पहुंची है। रचना की यह सफलता जिले की अन्य बेटियों के लिए भी प्रेरणास्रोत है। अब रचना 8 जुलाई से जॉर्डन में होने वाली कुश्ती प्रतियोगिता में दमखम दिखाएगी। संवाद

- ये हैं रचना की उपलब्धियां
- सितंबर 2022 में एमडीयू रोहतक में आयोजित हुई अंडर 14 आयुवर्ग के 39 किलो भारवर्ग में कांस्य पदक जीता।
- नवंबर 2022 में नांदल भवन रोहतक में संपन्न हुई राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता में 39 किलोग्राम भारवर्ग में रजत पदक जीता।
- पटियाला में हुई एशियन कुश्ती चैंपियनशिप ट्रायल के अंडर-17 आयुवर्ग के 40 किलोभार वर्ग में जीत हासिल की।
- 14 जून को किर्गिस्तान में संपन्न हुई एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता।

- लक्ष्य : ओलंपिक में सोना जीत देश का मान बढ़ाना
रचना ने बताया कि उसे पिता अजीत व मां क्षमा रानी का भरपूर सहयोग मिला है। पिता का सपना है कि वह ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर जिले, प्रदेश एवं देश का नाम रोशन करे। पिता का सपना पूरा करने के लिए प्रतिदिन पांच घंटे तक अभ्यास कर रही है। उनके कोच नरेश द्वारा प्रारंभिक चरण में ही सिखाए गए दांव पेच व बारीकियों का भरपूर लाभ मिल रहा है।
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- कल होगा भव्य स्वागत
सुभाष परमार सांवड़िया ने बताया कि रचना के सम्मान में 18 जून को बौंद के बाबा चांदूदास मैदान में भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। खेरड़ी मोड़ से खुली जीप में बैठाकर बेटी को गांव बौंदकलां तक लाया जाएगा। रचना ने स्वर्ण पदक जीतकर बेटियों को प्रेरणा देने का काम किया है। सम्मान समारोह में आसपास क्षेत्र के हजारों लोग शामिल होकर बेटी को सम्मानित करेंगे।


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