चरखी दादरी। खरीफ फसलों की सरकारी खरीद के दौरान किसानों को बायोमेट्रिक प्रक्रिया के लिए मंडी से बाहर जाने या लंबी कतारों में खड़े होने से राहत मिलेगी। किसानों की सुविधा के लिए मार्केटिंग बोर्ड की ओर से जिले की मंडियों और खरीद केंद्रों पर कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) स्थापित किए जा रहे हैं।
दादरी की मुख्य अनाज मंडी में किसानों की बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी कराने के लिए छह सीएससी प्वाइंट निर्धारित किए गए हैं। वहीं बाढड़ा में दो सीएससी सेंटर बनाए जाएंगे। जिले के अन्य खरीद केंद्रों पर भी एक-एक सेंटर स्थापित किया जाएगा। दादरी की नई अनाज मंडी को धान की खरीद के लिए निर्धारित किया गया है।
मार्केट कमेटी के अधिकारियों के अनुसार दादरी अनाज मंडी में सीएससी सेंटरों के लिए स्थान चिह्नित कर लिए गए हैं। मंडी के दोनों गेटों पर एक-एक सेंटर बनाया जाएगा। इसके अलावा एक सेंटर किसान रेस्ट हाउस में और तीन सेंटर मंडी परिसर के अलग-अलग स्थानों पर स्थापित किए जाएंगे। सेंटरों को ऐसे स्थानों पर बनाया जा रहा है। जहां फसल लेकर मंडी पहुंचने वाले किसानों को बायोमेट्रिक कराने के लिए ज्यादा दूरी तय नहीं करनी पड़े।
नई अनाज मंडी में होगी धान की खरीद
हरियाणा सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने खरीफ विपणन सीजन 2026-27 के दौरान धान की खरीद को सुचारू बनाने के लिए राज्य के 249 खरीद केंद्रों/मंडियों में खरीद एजेंसियों के बीच दिनों का आवंटन जारी कर दिया है। इसके तहत दादरी की नई अनाज मंडी को धान की खरीद के लिए निर्धारित किया गया है।
गेट से खरीद प्रक्रिया तक अलग-अलग चरण
फसल लेकर मंडी पहुंचने के बाद किसान को खरीद प्रक्रिया के तहत कई औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं। इसमें गेटपास से लेकर बायोमेट्रिक तक की प्रक्रिया शामिल है। मंडी में गेटपास काटने की जिम्मेदारी मार्केट कमेटी के कर्मचारियों की होगी। किसान के मंडी में प्रवेश करने के बाद कर्मचारियों की ओर से गेटपास की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद किसान निर्धारित सीएससी प्वाइंट पर पहुंचकर बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी करा सकेगा।अधिकारियों का कहना है कि मंडी में अलग-अलग स्थानों पर सीएससी सेंटर उपलब्ध होने से किसी एक स्थान पर किसानों की अधिक भीड़ जमा नहीं होगी। इससे बायोमेट्रिक प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से पूरा कराने में मदद मिलेगी।
प्रति बायोमेट्रिक सीएससी संचालकों को मिलेगा मानदेय
मार्केटिंग बोर्ड की ओर से सीएससी संचालकों को किसानों की बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी कराने के एवज में प्रति बायोमेट्रिक के हिसाब से मानदेय दिए जाने की व्यवस्था की गई है। इससे मंडी में किसानों को आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराने के साथ बायोमेट्रिक प्रक्रिया को तेजी से पूरा कराया जा सकेगा।
पोर्टल पर पंजीकरण जरूरी
मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर फसल संबंधी विवरण दर्ज कराने और दस्तावेज अपलोड कराने वाले किसानों के लिए खरीद प्रक्रिया में बायोमेट्रिक महत्वपूर्ण चरण है। ऐसे में मंडी परिसर में ही पर्याप्त संख्या में सीएससी सेंटर उपलब्ध होने से किसानों को सुविधा मिलेगी। किसानों को केवल बायोमेट्रिक कराने के लिए मंडी से बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
बाढ़ड़ा में दो, खरीद केंद्रों पर एक-एक सेंटर
बाढड़ा क्षेत्र में किसानों की सुविधा के लिए दो सीएससी सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा जिले में जिन स्थानों पर खरीफ फसलों की सरकारी खरीद के लिए खरीद केंद्र बनाए गए हैं वहां भी एक-एक सीएससी सेंटर उपलब्ध कराया जाएगा। इससे दूरदराज के गांवों से फसल लेकर आने वाले किसानों को बायोमेट्रिक कराने के लिए मुख्य अनाज मंडी चरखी दादरी तक आने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
कम समय में पूरी होगी खरीद प्रक्रिया
खरीद सीजन के दौरान मंडियों में फसल की आवक बढ़ने पर किसानों को विभिन्न औपचारिकताओं में समय लग जाता है। ऐसे में छह सीएससी प्वाइंट निर्धारित करने का उद्देश्य बायोमेट्रिक प्रक्रिया को सुचारु बनाना और किसानों के इंतजार का समय कम करना है। मंडी के दोनों गेट, किसान रेस्ट हाउस और परिसर में बनाए जा रहे सेंटरों से किसानों को उनके नजदीक ही बायोमेट्रिक की सुविधा मिल सकेगी।
वर्जन:
किसानों की बायोमेट्रिक करने के लिए सीएससी सेंटर स्थापित करने के लिए जगहों का चयन कर लिया गया है। सेंटर शुरू होने के बाद किसानों को कम समय में फसल बेचने की सुविधा मिल सकेगी। मंडी में अलग-अलग स्थानों पर सेंटर होने से किसानों को बायोमेट्रिक के लिए अनावश्यक परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी।- विद्या सागर, सचिव, मार्केट कमेटी