अनाज मंडी में शुक्रवार को बिना सूचना दिए अचानक कपास की खरीद बंद करने पर जमकर हंगामा हुआ। एसडीएम और सीटीएम ने मौके पर जाकर मार्केट कमेटी सचिव और आढ़तियों से बातचीत की। मौके पर पुलिस भी बुलानी पड़ी। दोपहर के समय खरीद शुरू हो सकी। किसानों का कहना था कि बिना मैसेज दिए ही खरीद बंद कर गई। किसान सुबह तीन बजे ही लाइन में लग गए थे। बाजरा खरीद के 120 किसानों को टोकन जारी किए गए।
अनाज मंडी में किसान शुक्रवार अल सुबह तीन बजे ही कपास लेकर पहुंच गए थे। सुबह छह बजे मंडी का गेट खुला। करीब 150 किसान खरीद शुरू होने का इंतजार करते रहे, लेकिन शुरू नहीं हुई। सूचना पाकर एसडीएम वीरेंद्र सिंह और सीटीएम सुरेश कुमार मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने मार्केट कमेटी सचिव सचिव खोखर के साथ बातचीत की। सचिव ने एसडीएम को बताया कि प्रचेज अधिकारी न होने से खरीद एक दिन के लिए रोकनी पड़ी। एसडीएम के निर्देश पर प्रचेज अधिकारियों को बुलाया गया, तब जाकर दोपहर 12 बजे तक खरीद कार्य शुरू हो सका।
मंगलवार सेे आधार कार्ड अनिवार्य
अनाज मंडी में जो भी किसान अपनी फसल बेचने आएगा, अब उसे अपने साथ आधार कार्ड लाना होगा, ताकि किसान की प्रमाणिकता हो सके। मैसेज के आधार पर ही किसानों का बुलाया जाएगा।
एक ही आढ़ती एवं फर्म के नाम 10 से 12 टोकन अॅलाट करने के आरोप
अनाज मंडी में बाजरा की सरकारी खरीद के लिए शुक्रवार को 120 किसानों को टोकन जारी किए गए। इसके बाद खरीद शुरू की गई। आढ़तियों का आरोप है कि मंडी में बाजरा खरीद में अनियमितता बरती जा रही है। एक ही आढ़ती एवं फर्म के नाम 10 से 12 टोकन अॅलाट किए जा रहे हैं। खरीद नियमानुसार एवं निर्धारित शेड्यूल के अनुसार होनी चाहिए।
आढ़ती बोले- नियमानुसार जारी हो टोकन
एक ही फर्म के नाम पर 10 से 12 टोकन अलॉट किए जा रहे हैं, जिससे आढ़तियों में रोष हुआ है। खरीद कार्य में पारदर्शिता होनी चाहिए। खरीद सुचारु रूप से हो।
- विनोद, आढ़ती
- खरीद में धांधली नहीं होनी चाहिए। अनाज मंडी में जितनी फर्म हैं, उनको नियमानुसार टोकन अलॉट होने चाहिए।
- संजय कानेजर, आढ़ती
खरीद के दौरान सभी नियमों का पालन होना चाहिए। टोकन जारी करते समय किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। खरीद में पारदर्शिता होनी चाहिए।
- नरेश कुमार, आढ़ती
खरीद के दौरान आढ़ती और किसान दोनो के साथ ही भेदभाव नहीं होना चाहिए। सरकार के नियमों के अनुरूप खरीद कार्य होना चाहिए।
राजेश कुमार, आढ़ती
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किसान बोले- काम का समय, नियमित रूप से हो खरीद
मैं सुबह तीन बजे ही मंडी में पहुंच गया था। सुबह छह बजे मंडी का गेट खुला। इसके बाद पता चला की शुक्रवार को कपास की खरीद नहीं होनी है। इससे उसे बेहद परेशानी हुई। उसके पास कोई मैसेज नहीं पहुंचा।
संदीप, किसान
मैं सुबह जल्दी ही मंडी में कपास लेकर आ गया था। 11 बजे तक इंतजार करता रहा। खरीद बंद होने का उसके पास कोई मैसेज नहीं पहुंचा। कपास की नियमित खरीद होनी चाहिए।
- जसबीर झिंझर, किसान
मैं कमेटी के मैसेज के आधार पर शुक्रवार सुबह ही मंडी में कपास लेकर आ गया था। कई घंटे के इंतजार के बाद पता चला कि आज खरीद नहीं होगी। विभाग को पहले सूचना देनी चाहिए था।
- अजय भागवी, किसान
मंडी में कपास की खरीद नियमित होनी चाहिए। इस समय किसान के लिए यह काम का समय है। निर्धारित शेड्यूल के अनुरूप खरीद होनी चाहिए।
- ओमवीर चरखी, किसान।
प्रचेज अधिकारी को बुलाकर खरीद कार्य शुरू करवा दिया गया है। मंगलवार से किसानों को अपने साथ आधार कार्ड भी लाना होगा। नियमानुसार खरीद का कार्य किया जा रहा है। खरीद में कोई अनियमितता नहीं है।
- सुरेश खोखर, सचिव, मार्केट कमेटी
Farmers upset over discontinuing purchase of cotton- फोटो : CharkhiDadri
Farmers upset over discontinuing purchase of cotton- फोटो : CharkhiDadri