जिले में नहरी पानी की चोरी रोकने के लिए शुक्रवार को सिंचाई विभाग की टीमों पर फिर नहरों पर छापे की कार्रवाई की। इस दौरान नहरी पानी चोरी के 120 मामले पकड़े हैं। इन किसानों को चिह्नित कर लिया गया है। अब जल्द ही विभाग की ओर से इनको नोटिस जारी कर जुर्माना लगाया जाएगा।
जिले में इस समय मेन लोहारू नहर में पानी चल रहा है। बधवाना नहर में पानी नहीं छोड़े जाने से शहर का जलघर भी सूखा पड़ा है।
वही, इस बार जरूरत से मुताबिक 200 क्यूसिक पानी कम मिला है। जिससे जलघरों को भरना भी मुश्किल बना हुआ है। इसके अलावा फसल बिजाई का समय होने के कारण किसान भी भारी मात्रा में नहरी पानी की चोरी कर रहे हैं। पानी की चोरी ज्यादा मात्रा में होने से टेल तक नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे अंतिम छोर पर पड़ने वाले गांवों में बने जलघरों में भी पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इसको देखते हुए सिंचाई विभाग के एसडीओ एसडीओ प्रवीन सहरावत की टीम ने लोहारू नहर पर छापे की कार्रवाई की। इस दौरान टीम ने नहरी पानी चोरी के 120 मामले पकड़े गए। इस दौरान अधिकारियों ने नहरों पर लगे साइफन, इंजन आदि हटवाए गए। इस संबंध में सिंचाई विभाग के एसडीओ राहुल छिल्लर ने कहा कि पानी चोरी करने वाले किसानों को चिह्नित कर लिया गया है। जल्द ही इनको नोटिस जारी किए जाएंगे। इस दौरान उन्होंने किसानों से पानी चोरी न करने की अपील भी की।
पर्याप्त मात्रा में पानी की मांग की
इस बार मानसून की बारिश कम होने की वजह से किसानों को सिंचाई करके ही रबी की फसलों की बिजाई करनी पड़ रही है। किसान नेता रामकुमार कादयान का कहना है कि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी मिलना चाहिए। बारिश कम होने के कारण किसानों को सिंचाई करके ही फसल की बिजाई करनी पड़ रही है। इससे डीजल व बिजली की खपत बढ़ने से किसान पर लागत खर्च और बढ़ रहा है।
बुधवार को पकड़े थे 200 केस
सिंचाई विभाग की दो टीमों ने बुधवार को भी नहरों पर छापे की कार्रवाई कर नहरी पानी चोरी के 200 केस पकड़े थे। इस दौरान भी टीम ने लोहारू व अन्य नहरों पर कार्रवाई कर साइफन, इंजन आदि हटवाए थे, लेकिन अब फिर से पानी चोरी के मामले समाने आए है।