बाढड़ा। अनाज मंडी में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर चल रहे धरने के 27वें दिन बुधवार को भारत छोड़ो आंदोलन की 83वीं वर्षगांठ मनाई गई। इस अवसर पर किसानों ने अंग्रेजों भारत छोड़ो और कॉरपोरेट खेती छोड़ो जैसे नारे लगाते हुए क्रांतिकारी चौक तक जुलूस निकाला। इसके बाद नायब तहसीलदार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। किसानों ने मांगों के लिए अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया और क्रांतिकारी चौक पर नारे लगाए।
बता दें कि धरने की अध्यक्षता संयुक्त रूप से किसान सभा जिला प्रधान रणधीर कुंगड़, किसान मजदूर नेता राजकुमार, भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) भूप सिंह धारणी, एमएसपी मोर्चा नेता ब्रह्मपाल, सीटू नेता सुमेर सिंह ने की।
किसान नेता रणधीर कुंगड़ ने कहा कि किसानों की मांगों में कृषि को डब्ल्यूटीओ से बाहर करना, नई कृषि विपणन नीति रद्द करना, मुक्त व्यापार समझौता समाप्त करना, एमएसपी गारंटी कानून लागू करना, किसानों का कर्ज माफ करना, बिजली निजीकरण व स्मार्ट मीटर रद्द करना, किसानों-व मजदूरों को बिजली बिल से मुक्त करना प्रमुख रूप से शामिल हैं।
इस अवसर पर पूर्व संसदीय सचिव रणसिंह सिंह मान, पूर्व विधायक रणबीर मंदौला, पूर्व चेयरमैन सुरेश कुमार, सीटू नेता कमलेश भैरवी, किसान नेता कामरेड रामपाल सिंह, मजदूर यूनियन प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कौथ, भारतीय किसान यूनियन प्रदेश अध्यक्ष धर्मपाल बडाला, श्योराण खाप प्रधान बिजेंद्र बेरला ने किसानों को संबोधित किया।
बाद में किसानों ने अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। किसानों ने अनाज मंडी से मुख्य क्रांतिकारी चौक तक विरोध-प्रदर्शन करते हुए प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों की मांगों को जल्द पूरा करने की माग की गई। इस दौरान किसानों ने बाजार में करीब एक किलोमीटर दूरी तक अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। इस मौके पर सुरेश कौथ, प्रोफेसर सत्यपाल आर्य, नरेश कादयान,धर्मपाल बाढड़ा, होशियार सिंह गोपी, विरेंद्र पहलवान आदि प्रदर्शन में शामिल हुए।