बाढड़ा। संयुक्त किसान मोर्चे का अनाज मंडी में 162वें दिन शुक्रवार को धरना जारी रहा। किसानों ने शहीद उधम सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। कामरेड रामपाल धारणी ने कहा कि उधम सिंह असाधारण भारतीय क्रांतिकारी थे, जिनका जन्म 26 दिसंबर 1899 को पंजाब के सुनाम में हुआ था। बचपन से ही उन्होंने ब्रिटिश शासन के अधीन अपने देशवासियों के कष्टों को देखा। वे प्रतिरोध के प्रतीक के रूप में उभरे, जो अपने असाधारण साहस और घोर अन्याय का बदला लेने के अटूट संकल्प के लिए जाने जाते थे।
13 अप्रैल 1919 को पंजाब के अमृतसर स्थित जलियांवाला बाग में लोगों का शांतिपूर्ण जमावड़ा हुआ। लोग बैसाखी का त्योहार मनाने और कुछ दमनकारी कानूनों के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करने के लिए एकत्रित हुए थे। दुर्भाग्यवश, जनरल रेजिनाल्ड डायर के नेतृत्व में ब्रिटिश सैनिकों ने बिना किसी चेतावनी के भीड़ पर गोलियां चला दीं, जिससे वे बाग में ही फंस गए। जलियांवाला बाग हत्याकांड के नाम से जानी जाने वाली इस भयावह घटना में सैकड़ों निर्दोष लोगों की जान चली गई और हजारों घायल हो गए। इस घटना ने स्वतंत्रता की मांग को और तीव्र कर दिया। मास्टर रघुवीर सिंह ने हरियाणा सरकार से किसानों का बकाया मुआवजा जारी करने की मांग की। यदि समय रहते सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो किसान नौ जनवरी को ट्रैक्टर मार्च करेंगे। धरने पर पारस, नरेश कुमार कादयान, प्रताप सिंह, भूप सिह, ब्रह्मपाल, बलबीर ताखर, युद्धवीर सिंह उपस्थित रहे।