दिसंबर में हुई ओलावृष्टि से मकड़ानी गांव में बर्बाद फसल। संवाद
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- दिसंबर 2024 और मार्च 2025 में हुई ओलावृष्टि से जिले के किसानों की फसलों को पहुंचा था नुकसान, राजस्व व कृषि विभाग के नुकसान का आकलन करने के बाद भी नहीं मिल पाया मुआवजा
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी/बाढड़ा/झोझूकलां। गत 27 व 28 दिसंबर उसके बाद 13 व 14 मार्च को हुई बारिश एवं ओलावृष्टि के नुकसान का आकलन हो चुका है। वहीं, राजस्व विभाग व बीमा कंपनी की ओर से सर्वे किया जा चुका है। किसान भी अपने पक्ष के रूप में क्षतिपूर्ति पोर्टल पर नुकसान का विवरण दर्ज करवा चुके हैं। इतना ही नहीं, खरीद सीजन पूरा होने को है और अब तक किसानों को मुआवजा मिलने का इंतजार है।
कृषि विभाग की रिपोर्ट में दिसंबर माह में जिले का कुल 25 हजार एकड़ क्षेत्र ओलावृष्टि से प्रभावित मिला था। इसमें 12,000 एकड़ में 50 से 75 प्रतिशत तक नुकसान का आकलन मिला था। यह नुकसान सरसों की फसल में ज्यादा था। इसी प्रकार, शेष 13 हजार एकड़ में कहीं 0-25 तो कहीं 25 से 50 प्रतिशत तक नुकसान हुआ। यह नुकसान 35 गांवों में हुआ था।
28 दिसंबर 2024 को हुई ओलावृष्टि की मार से सरसों व गेहूं के अलावा सभी प्रकार की फसलों में नुकसान हुआ था। जिला का कुल कृषि योग्य रकबा एक लाख 22 हजार 358 हेक्टेयर है। उस समय कृषि विभाग के 20 अधिकारियों व कर्मचारियों की टीमों ने दो दिन में नुकसान की रिपोर्ट तैयार की थी। टीमों ने गांवों में फसलों में नुकसान का जायजा लिया था।
- 13 व 14 मार्च को इन गांवों में हुआ था नुकसान
13 व 14 मार्च को जिले के 15 से अधिक गांवों में हुई ओलावृष्टि से 16 हजार एकड़ में फसलों में नुकसान हुआ था। इसमें 9 हजार में सरसों व सात हजार एकड़ गेहूं की फसल में नुकसान हुआ था। 13 व 14 मार्च को जिले के गांव कादमा, गुडाना, अचीना, चांगरोड, भांडवा, हंसावास कलां, नीमड़ बडेसरा, ऊण, कांहड़ा व बेरला आदि गांवों में ओले गिरने से सरसों व गेहूं की फसल में नुकसान हुआ था। उसके बाद कृषि विभाग की टीम ने इन गांवों में मौके पर जाकर फसलों में नुकसान का प्रारंभिक सर्वे किया था।
- इन गांवों में हुआ था नुकसान
दिसंबर में हुई ओलावृष्टि की रिपोर्ट भी कृषि विभाग ने तैयार की थी। रिपोर्ट में मोड़ी, मकड़ाना, रामनगर, कपूरी, मंदोला, घसोला, दूधवा, आदमपुर, गोठड़ा, संतोकपुरा, ढाणी फोगाट, लांबा, कोहलावास, झींझर, बौंदकलां, रानीला, अचीना, भागेवश्वरी सहित 35 गांव शामिल हैं। इन सभी 35 गांवों में नुकसान हुआ था।
- किसान संगठन सौंप चुके ज्ञापन
किसान संगठन जिला प्रशासन से नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा की मांग कर रहे हैं। डीआरओ को भी ज्ञापन दिया जा चुका है। जिले भर में करीब 67 हजार किसान खेती करते हैं। पीएम किसान सम्मान निधि योजना का फायदा करीब 32 हजार किसान ही उठा रहे हैं।
वर्सन
गिरदावरी करके डाटा पोर्टल पर अपलोड कर दिया है। मुआवजा जारी करने की अगली प्रक्रिया मुख्यालय की ओर से ही पूरी की जानी है।
-सज्जन कुमार, तहसीलदार, चरखी दादरी