झोझू कलां बिजली कार्यालय परिसर में धरने पर बैठे किसान नारेबाजी करते हुए।
- फोटो : 1
झोझू कलां, कादमा। लंबित बिजली कनेक्शन जारी न होने से नाराज कादमा, बडराई और गोपालवास गांव के किसानों का गुस्सा मंगलवार को भी शांत नहीं हुआ। झोझू कलां बिजली कार्यालय परिसर में किसानों का धरना लगातार आठवें दिन जारी रहा। किसानों ने विभाग और सरकार पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए साफ कहा कि जब तक सभी लंबित नलकूप कनेक्शन जारी नहीं किए जाते, तब तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। धरने की अध्यक्षता दलवीर गांधी ने की।
धरने में मौजूद वीरेंद्र बडराई, अजीत थालौर, रणधीर मास्टर, दीपक बडराई, संदीप गोपालवास, राजवीर शास्त्री, अजीत कादमा समेत अन्य किसानों ने हाथ उठाकर एकजुटता दिखाते हुए कहा कि समाधान होगा तभी धरना खत्म होगा। किसानों ने बताया कि दो साल से बिजली कनेक्शन लंबित पड़े हैं, जिसके कारण ट्यूबवेल से सिंचाई कार्य ठप है और खेती को नुकसान हो रहा है।
ट्रांसफार्मर लोड होने से उम्मीद की किरण
धरने के बीच मंगलवार को किसानों को जानकारी मिली कि झोझू कलां पावर हाउस से लगभग 12 ट्रांसफार्मर ट्रक में लोड किए गए हैं। इस कदम से किसानों में हल्की राहत की उम्मीद जगी। किसानों ने इसे निगम का सकारात्मक कदम बताया, लेकिन कहा कि जब तक सभी किसानों को कनेक्शन जारी नहीं किए जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
60 से अधिक किसान प्रतीक्षा सूची में
ग्रामीणों के अनुसार तीनों गांवों के 60 से अधिक किसान अभी भी नए बिजली कनेक्शन की प्रतीक्षा में हैं। किसानों ने चेताया कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सिंचाई ठप होने से रबी फसलों की बोवाई प्रभावित हो रही है, ऐसे में विभाग को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।