गांव सांतौर बौंदकलां में जली फसल का जायजा लेते किसान सभा के सदस्य।
बौंदकलां (चरखी दादरी)। अखिल भारतीय किसान सभा के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को गांव सांतौर पहुंचकर मृतक किसान जयप्रकाश के परिजनों से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने परिवार के सदस्यों को सांत्वना दी। प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश सरकार और प्रशासन से मृतक किसान परिवार के आश्रित को 50 लाख रुपये मुआवजा दिलाने की मांग की। फसल जलने से अन्य किसानों को हुए नुकसान की भरपाई करने की मांग भी की।
सांतौर पहुंचे प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किसान सभा प्रधान रणधीर कुंगड़ ने किया। किसान सभा के राज्य कमेटी सदस्य ओमप्रकाश ने बताया कि यह घटना 23 अप्रैल को दोपहर बाद की है। किसान जयप्रकाश अपने खेत में गेहूं में लगी आग को बुझाते समय चपेट में आ गया। उसने खेत में ही दम तोड़ दिया। यह गांव व साल की अब तक की सबसे मार्मिक घटना घटी है। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि आग से 10 किसानों की छह एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल व दो एकड़ में जौ की फसल तबाह हो गई, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया।
किसान सभा के प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन व सरकार से मृतक किसान के आश्रितों को कम से कम पचास लाख आर्थिक सहायता और फसल का 60 हजार रुपये प्रति एकड़ तुरंत मुआवजा देने मांग की। उन्होंने कहा कि यदि सरकार व प्रशासन ने शीघ्र मामले पर संज्ञान नहीं लिया तो वे किसानों को न्याय दिलवाने के लिए आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
मृतक किसान के आश्रित को सरकारी नौकरी दे सरकार: मनीषा सांगवान
चरखी दादरी। कांग्रेस की महिला नेता डॉ. मनीषा सांगवान ने कहा कि दादरी जिले में पिछले 20 दिनों के दौरान सैकड़ों एकड़ में खड़ी फसल आग से राख हो चुकी है। मंगलवार को सांतौर में आग पर काबू पाते समय एक किसान को जान गंवानी पड़ी। मृतक किसान के आश्रित को सरकारी नौकरी और परिवार को आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए। प्रेस को जारी बयान में मनीषा सांगवान ने कहा कि कुछ जगहों पर बिजली निगम की लापरवाही के कारण आग लगी है।
मृतक किसान के परिजनों को मिले आर्थिक सहायता : जगबीर
चरखी दादरी। एमएसपी खरीद गारंटी कानून मोर्चा के हरियाणा संयोजक जगबीर घसौला ने कहा कि गांव सांतौर में गेहूं की फसल में लगी आग पर काबू पाने के प्रयास में किसान की हुई मौत हो गई। भाकियू दादरी जिला इकाई जिला ने प्रशासन व सरकार से मामले को गंभीरता से लेकर मृतक के परिजनों को तुरंत एक करोड़ रुपये आर्थिक सहायता राशि देने की मांग की। घसौला ने कहा कि प्रतिवर्ष फसल कटाई के वक्त प्रदेश में हजारों एकड़ में गेहूं की फसल आग की भेंट चढ़ जाती है, लेकिन केंद्र एवं प्रदेश सरकार ने मुआवजा के लिए किसी प्रकार का विशेष राहत कोष नहीं बनाया है। सरकार की इस अनदेखी के कारण किसान अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।