चरखी दादरी। सरकार की ओर से सरसों की सरकारी खरीद दोबारा शुरू करने के बाद भी किसान निजी आढ़तियों को ही फसल बेचने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। वहीं गेहूं की खरीद का अंतिम दिन शुक्रवार होने के बावजूद खरीद केंद्रों पर आवक का आंकड़ा शून्य दर्ज किया गया है। किसानों का कहना है कि स्थानीय आढ़ती एमएसपी से अधिक दामों में सरसों की खरीद कर रहे हैं और भुगतान के लिए भी लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता।
सरकार ने एक मई से सरसों की सरकारी खरीद करना बंद कर दिया था लेकिन टारगेट से कम सरसों की आवक होने के कारण बुधवार से दोबारा खरीद शुरू करने का आदेश जारी किया गया है लेकिन किसानों को सरकार द्वारा निर्धारित एमएसपी कम दिए जाने के कारण किसान निजी आढ़तियाें को ही सरसों बेचते नजर आ रहे है। वीरवार को जिले के दादरी खरीद केंद्र पर 29 किसानों ने गेटपास कटवाने के बाद 900 क्विंटल सरसों निजी आढ़तियों के पास बेची है।
छह खरीद केंद्रों पर गेहूं की कोई भी गेटपास नहीं काटा गया जिससे गेहूं की कुल आवक का आंकड़ा 6,84,744 क्विंटल पर ही अटका हुआ है जिसके चलते एजेंसियां खरीद और उठान पर जोर प्रक्रिया पर जोर दे रही हैं। खरीद एजेंसी हैफेड ने जहां दादरी खरीद केंद्र से 529, बौंद कलां केंद्र से 462 क्विंटल गेहूं की खरीद की है जिससे सरकारी खरीद का आंकड़ा 6,63,838 क्विंटल तक पहुंच गया। मार्केट कमेटी के अधिकारियों का कहना है कि सरकार की ओर से जारी नए आदेश अनुसार सरसों की सरकारी खरीद 31 मई तक बढ़ा दी गई है ताकि वंचित किसान सरकारी भाव में सरसों बेच सकें।
गेहूं की सरकारी खरीद का आज अंतिम दिन
खरीद केंद्रों में लगातार घटती रही गेहूं की आवक वीरवार को जिले के छह खरीद केंद्रों में कोई भी किसान गेहूं लेकर नहीं पहुंचा। मार्केट कमेटी के अधिकारियों का कहना है कि शुक्रवार को गेहूं खरीद का अंतिम दिन है। गेहूं बेचने से बचे हुए किसान खरीद केंद्रों में बेच सकते है।
वर्सन :
सरकारी आदेश के बाद सरसों की सरकारी खरीद दोबारा से शुरू कर 31 मई तक बढ़ा दी गई है वहीं गेहूं की खरीद 15 मई तक ही हो सकेगी। वंचित किसान खरीद केंद्रों में पहुंच सरकारी प्रक्रिया पूरी कर अपनी फसल बेच सकते हैं।
विजय कुमार, सचिव मार्केट कमेटी, दादरी।