दादरी क्षेत्र के खेतों में खड़ी बाजरा की फसल।
चरखी दादरी। जिले के दादरी शहर, बौंदकलां ब्लॉक और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में डीएपी व यूरिया खाद की भारी किल्लत बनी हुई है। पिछले एक सप्ताह से जमींदारा सोसायटी, निजी विक्रेताओं व सहकारी समितियों में खाद की आपूर्ति नहीं हुई है, जिससे किसान परेशान हैं और फसलों को नुकसान की आशंका बढ़ गई है।
किसानों का कहना है कि 21 से 23 जुलाई के बीच मुख्यमंत्री की रैली के चलते बड़ी मात्रा में खाद की आपूर्ति हुई थी। उस समय दो खेपों में यूरिया के 25 हजार बैग पहुंचे थे। इसके बाद से खाद की आवक पूरी तरह थम गई है। आगामी अगस्त महीने में जिले को लगभग 10 हजार मीट्रिक टन यूरिया और 1 हजार मीट्रिक टन डीएपी की आवश्यकता है। मौजूदा समय में विशेष रूप से धान की फसल के लिए खाद की भारी जरूरत है। रकबा अधिक होने और किसान द्वारा अतिरिक्त खाद डालने की प्रवृत्ति के चलते मांग में वृद्धि हो रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जरूरत से अधिक खाद डालने से भले ही पैदावार बढ़े, लेकिन इससे भूमि की उर्वरता और धान की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। खराब गुणवत्ता वाला चावल स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक भी हो सकता है।
सरकार भेजे पर्याप्त मात्रा में खाद
भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के जिला अध्यक्ष हरपाल भांडवा ने सरकार से मांग की कि जल्द से जल्द पर्याप्त मात्रा में खाद भेजी जाए। उन्होंने कहा कि किसान पहले ही मुआवजा, बीज और खाद की अनियमित आपूर्ति से परेशान हैं। दो माह बाद रबी फसलों की बुआई शुरू होनी है, ऐसे में समय पर खाद उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने कहा कि खेती पहले ही घाटे का सौदा बनती जा रही है और अब वह पूरी तरह मौसम और सरकारी व्यवस्थाओं पर निर्भर हो चुकी है।
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फिलहाल खाद आने की विभाग के पास कोई सूचना नहीं है। खाद कब तक आएगी, कुछ नहीं कहा जा सकता है। जैसे ही खाद पहुंचेगी, किसानों को बांट दी जाएगी। विभाग ने खाद की मांग भेज रखी है।
- कृष्ण कुमार, एसडीओ, कृषि विभाग