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बाजरा की खरीद न होने पर किसान और आढ़तियों ने मंडी गेट पर जड़ा ताला

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अनाज मंडी में बाजरा की सरकारी खरीद न होने पर आढ़ती और किसानों ने सोमवार को मंडी के गेट पर ताला लगा दिया। मंडी में करीब तीन घंटे तक हंगामा मचा रहा। इसके बाद में एसडीएम वीरेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और उन्होंने किसानों की समस्या का दो दिन में समाधान करवाने का आश्वासन दिया। आश्वासन के बाद किसानों और आढ़तियों ने मंडी का गेट खोला।
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सोमवार सुबह 11 बजे करीब 100 किसान और अनाज मंडी आढ़ती मंडी परिसर में एकत्रित हुए। किसानों ने बताया कि बाजरा खरीद के लिए 16 नवंबर को उनके टोकन काटे जा चुके हैं। मार्केट कमेटी ने 27 नवंबर तक का खरीद शेडयूल जारी किया था, लेकिन इन 437 किसानों का बाजरा नहीं खरीदा गया। किसान आए दिन मंडी में चक्कर काटने को विवश हैं। इसके विरोध में किसानों ने सरकार के खिलाफ रोष जताते हुए मंडी के मेन गेट पर बैठ गए और ताला जड़ दिया। किसानों ने कहा कि करीब चार हजार किसान ऐसे हैं, जिनका पंजीकरण हो चुका है, लेकिन उनका बाजरा नहीं खरीदा गया। ये किसान औने-पौने दामों में बाजरा बेचने को विवश हैं। इस दौरान किसानों और आढ़तियों के रोष को देखते हुए एसडीएम वीरेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। एसडीएम के समक्ष किसानों ने मार्केट कमेटी के अधिकारियों पर खरीद में अनियमितताएं बरते जाने के आरोप लगाए। किसानों ने कहा कि कमेटी अधिकारियों ने मिलीभगत करके बाजरा खरीद में धंाधली की है। इसकी जांच होनी चाहिए। जिल में 28 हजार किसानों ने बाजरा बिक्री के लिए अपना पंजीकरण करवाया था लेकिन आज भी चार हजार किसानों का बाजरा नहीं खरीदा जा सका है। एसडीएम ने किसानों से दो दिन में किसानों की समस्या का समाधान करवा देने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसान और आढ़ती मंडी का ताला खोलने को सहमत हो गए।
जिन किसानों के गेट पास कट चुके हैं, उनका बाजरा जल्दी खरीदा जाना चाहिए। शेष पंजीकृत किसानों के बाजरे की खरीद के लिए शीघ्र ही नया शेड्यूल जारी करना चाहिए ताकि किसानों का सरकारी रेट पर बाजरा बिक सके। सरकार को बाजरा की खरीद शुरू करवानी चाहिए। खरीद ना होने से आढ़ती और किसान परेशान हैं।
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रामकुमार रिटोलिया, प्रधान अनाज मंडी।
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