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किसान बोले- बातचीत का दिखावा बंद कर कृषि कानूनों को रद्द करे केंद्र सरकार

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कितलाना टोल प्लाजा पर मौजूद किसान। - फोटो : CharkhiDadri
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कितलाना टोल प्लाजा पर दादरी और भिवानी जिले के किसानों का धरना मंगलवार को 26वें दिन भी जारी रहा। धरनास्थल पर मौजूद किसानों ने सरकार पर किसान आंदोलन को दबाने और कुचलने का प्रयास करने का आरोप लगाया। वक्ताओं ने कहा कि सरकार राष्ट्रीय जांच एजेंसी से माध्यम से किसान आंदोलन में सहयोग करने वालों को नोटिस भिजवाकर उनको भयभीत करने का असफल प्रयास कर रही है। इसके साथ शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज उठाने वाले अनेक किसानों पर राष्ट्रद्रोह जैसे संगीन मुकदमे बना कर राज्य सरकार आंदोलन को दबाने का काम कर रही है जो बर्दाश्त से बाहर है।
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वक्ताओं ने कहा कि सरकार किसान आंदोलन को बदनाम करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि 56 दिन से चल रहे आंदोलन में 121 किसान जान गंवा चुके हैं। इसके बावजूद सरकार होश में नहीं आई है। सरकार बार-बार बातचीत का जो दिखावा कर रही है उसको बंद करे और गंभीरता से किसानों की सभी मांगें पूरी करे। कितलाना टोल पर 26वें दिन किसानों के अनिश्चितकालीन धरने की अध्यक्षता सांगवान खाप सचिव नरसिंह डीपीई, बलवंत नंबरदार, रणधीर कुंगड़, बिजेंद्र बेरला, अनिल शेषमा, बलबीर बजाड़, सुखदेव सिंह, मूर्ति देवी ने संयुक्त रूप से की। धरनास्थल पर गंगाराम श्योराण, राजकुमार कादयान, राजू मान, कमल सिंह मांढी, राजकुमार हड़ौदी, मंगल सुई, धर्मेंद्र छपार, सज्जन सिंगला, सुभाष यादव, सुरेश फौगाट, प्रेमा, संतरा, सावित्री, मूर्ति देवी, कृष्णा सांगवान, दिलबाग ग्रेवाल, राजबीर चंदेनी, भीम सिंह द्वारका, सत्यवान बलियाली, रत्तन बोहरा, महासिंह रंगा, नरदेव अटेला, हरदयाल, जयसिंह दहिया आदि मौजूद थे।
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