मजदूरों के हक छीनने वाली सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। यह बात दादरी से निर्दलीय विधायक और सांगवान खाप के प्रधान सोमबीर सांगवान ने कितलाना टोल पर धरने को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अपने चेहते पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए तीन कृषि कानून लेकर आई है। उन्होंने कहा कि ये सीधा किसानों के हितों पर डाका है जो किसी कीमत पर सहन नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि सरकार अहंकार में चूर है। यही वजह है कि आंदोलन को सात महीने से ज्यादा समय बीत जाने और 550 से ज्यादा किसानों की मौत के बाद भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आंखें नहीं खुली हैं। उन्होंने कहा कि जनवरी से वार्ता बंद है और सत्ताधारी चुप्पी मारे बैठे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को अविलंब संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं से बातचीत कर ये मसला हल करना चाहिए।
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर कितलाना टोल के धरने पर 197वें दिन श्योराण खाप के प्रधान बिजेंद्र बेरला, सांगवान खाप के सचिव नरसिंह डीपीई, फौगाट खाप के प्रधान बलवन्त नम्बरदार, गंगाराम श्योराण, राजेन्द्र जांगड़ा कितलाना, किसान सभा के रामफल देशवाल, मीरसिंह नीमड़ीवाली, फूलां देवी, सिलोचना देवी, फुलपति कितलाना ने संयुक्त रूप से अध्यक्षता की। मंच संचालन राजकुमार हड़ौदी ने किया।
शुक्रवार को धरनास्थल पर सूरजभान सांगवान, सुरेंद्र कुब्जानगर, सुबे सिंह, सुरेश, प्रेम डोहकी, सत्यवान, लवली, जगदीश, प्रोफेसर जगमिंद्र सांगवान, जागेराम डीपीई, राजबीर हड़ौदी, बालकिशन शर्मा, सूबेदार सतबीर सिंह, मास्टर कर्ण सिंह, देशराम भांडवा, शमशेर व सुरेश आदि मौजूद थे।