झोझू कलां। जिले के गांव चांदवास निवासी एक किसान ने वर्ष 2024 में खरीफ फसलों की खरीद के दौरान झोझू कलां में बनाए खरीद केंद्र में एक फर्म संचालक, खरीदकर्ता व अन्य लोगों पर मिलीभगत कर उसका फर्जी हलफनामा तैयार करने, फसल के रुपये हड़पने, जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा जांच रिपोर्ट के आधार पर झोझू कलां थाना पुलिस ने फर्म संचालक व मार्केट कमेटी के तत्कालीन अधिकारियों व अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
चांदवास निवासी रविंद्र ने शिकायत में बताया कि उसने 10 व 14 अक्तूबर 2024 को अपनी बाजरा की फसल बिक्री के लिए 40-40 क्विंटल के दो गेट पास झोझू कलां खरीद केंद्र में बनवाए थे। वह एक फर्म पर बाजरा की फसल बेचने के लिए लेकर गया तो संचालक ने अच्छे से जांच करने के बाद फसल अपनी फर्म पर उतरवाई। बिडिंग के बाद उसे जे फार्म दिए और जल्द फसल के रुपये उसके खाते में आने की बात कही। रविंद्र के अनुसार काफी समय बीतने के बाद भी फसल का भुगतान नहीं आया तो वह फर्म संचालक से मिला, लेकिन वह टाल-मटोल करता रहा।
इसके बाद उसने दादरी उपायुक्त को शिकायत दी। उपायुक्त ने हैफेड कर्मचारियों को स्पष्टीकरण के लिए बुलाया तो उन्होंने मार्केट कमेटी में रिकॉर्ड देखने की बात कही। जब वह हैफेड कर्मचारियों से मिला तो उसे बताया गया कि वह अपना बाजरा वापस प्राप्त कर चुका है और इस बाबत उसका एक ब्यान हल्फिया भी लगा हुआ है, यह सुनकर वह हैरान हो गया। उसने आरटीआई से सूचना प्राप्त की तो सामने आया कि उसके नाम का फर्जी हलफनामा बनाया गया है, जिसमें उसकी फसल में अधिक नमी व गुणवत्ता कमी के कारण पूरा बाजरा वापस प्राप्त करने की बात लिखी हुई थी। जब वह फर्म संचालक से मिला तो उसने दोबारा रुपये मांगने आने पर जान से मारने की धमकी दी।
उसने शिकायत में बताया कि नियमों के अनुसार फसल की बिडिंग व जे फार्म जारी होने के बाद किसी भी सूरत में किसान अपनी फसल को वापिस नहीं ले सकता। जिसके बाद शिकायत की जांच पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा की गई। आर्थिक अपराध शाखा की जांच रिपोर्ट के आधार पर झोझू कलां थाना पुलिस ने फर्म संचालक, खरीदकर्ता, मार्केट कमेटी के तत्कालीन अधिकारियों व अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।