चरखी-दादरी के बाढड़ा उपमंडल के द्वारका गांव निवासी राहुल (22) ने 28 जनवरी को गांव के एक प्लॉट में फंदा लगाकर आत्महत्या की थी। परिजनाें ने पुलिस को सूचित किए बिना उसका दाह-संस्कार कर दिया था। अगली सुबह कमरे से परिजनों को राहुल द्वारा लिखा गया सुसाइड नोट उसके बिस्तर से बरामद हुआ। इसके आधार पर अब बाढड़ा थाना पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
द्वाराक निवासी महिला भागवंती ने बाढड़ा थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके तीन बच्चे थे जिनमें दो बेटे थे जबकि एक बेटी है। बड़ा बेटा राहुल चिनाई मिस्त्री का काम करता था। 28 जनवरी को उन्हें सूचना मिली कि राहूल ने महेंद्र पुत्र रिछपाल के प्लाॅट मे फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है।
इसके बाद भागवंती, उसका पति रविन्द्र और अन्य लोग महेंद्र के प्लॉट मे पहुंचे। रात करीब साढ़े नौ बजे परिजनों ने गांव के व्यक्तियों के साथ राहुल का अंतिम संस्कार कर दिया। परिजनों ने मामले की सूचना पुलिस को नहीं दी क्योंकि तब तक उन्हें किसी पर कोई संदेह नहीं था। मृतक जहां सोता था वहां 29 जनवरी को उसके हिसाब- किताब की कॉपी मिली जिसमे राहुल ने अपने हाथ से एक पेज पर लिखा हुआ था कि या तो आत्महत्या कर ले नहीं तो हम तुम्हे मार डालेंगे। सुसाइड नोट में महेंद्र, पूजा ,विनोद, वेदप्रकाश, सोनू व चंद्रकलां का नाम लिखा हुआ मिला। इतना ही नहीं सुसाइड नोट में मिला मिला कि महेंद्र से 50,000 रुपए मांगता हूं और पैसे माता-पिता को दे देना।
भागवंती ने पुलिस शिकायत में बताया कि सुसाइड नोट मिलने के बाद उसे पूरा शक है कि राहुल को उपरोक्त लोगों ने बार- बार परेशान करके आत्महत्या के लिए मजबूर किया है। इससे परेशान होकर ही राहुल ने फंदा लगाकर आत्महत्या की है।
डायल 112 पर परिजनों ने की कॉल
भागवंती देवी ने बताया कि सुसाइड नोट मिलने के बाद उन्होंने 112 पर कॉल की। इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। इसके बाद महिला की ओर से लिखित शिकायत और सुसाइड नोट पुलिस को सौंपा गया।