चरखी दादरी। अतिक्रमण पर आठ दिन हुई ताबड़तोड़ कार्रवाई पर प्रशासन का करीब 16 लाख रुपये खर्च आने का अनुमान है। इस लिहाज से एक दिन का खर्च करीब दो लाख रुपये है। इसमें अतिक्रमण हटाओ मुहिम में शामिल अधिकारियों व कर्मचारियों की तनख्वाह समेत जेसीबी का खर्च भी शामिल है। हालांकि इतने कम खर्च में प्रशासन लंबे समय से अतिक्रमण की जद में रही सरकारी भूमि पर कब्जा लेने में कामयाब रहा।
बता दें कि फिलहाल अतिक्रमण हटाओ मुहिम का दूसरा चरण चल रहा है। इन दो चरणों में अब तक प्रशासनिक अमला आठ दिन सड़कों पर उतरा है। कार्रवाई में ड्यूटी मजिस्ट्रेट समेत नगर परिषद, पुलिस विभाग और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी व कर्मचारी शामिल हैं। दल में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों की संख्या करीब 70 रहती है।
इतना ही नहीं मुहिम के तहत पांच से छह घंटे तक जेसीबी चलाई जा रही हैं जबकि इनका किराया कार्यालय पहुंचते ही शुरू हो जाता है। कार्रवाई में शामिल अधिकारियों की मानें ते तनख्वाह और अन्य खर्च लगाकर एक दिन में करीब दो लाख रुपये लागत आने की संभावना है। हालांकि इस राशि का वास्तविक आकलन तो बिल अदायगी के समय ही हो पाएगा।
- पांच से 15 फुट तक मिला अतिक्रमण, जगह ली कब्जे में
शहर के परशुराम चौक से रोहतक रोड, परशुराम चौक से बस स्टैंड, परशुराम चौक से सरदार झाडू सिंह और परशुराम चौक से कोर्ट रोड की बात करें तो 5 से 15 फुट तक अतिक्रमण मिला। इसके अलावा लाला लाजपतराय चौक से लेकर अनाज मंडी और रेलवे रोड, पुराना झज्जर रोड, पुराना दिल्ली रोड, झज्जर घाटी रोड, सरदार झाडू सिंह चौक से हीरा चौक रोड से भी अतिक्रमण हटाया गया।
- 90 प्रतिशत ने अपनी जगह पर नहीं बना रखे चबूतरे और सीढ़ी
आठ दिन की कार्रवाई के दौरान सामने आया कि लोगों ने अपनी जगह पर पूरा मकान बना रखा है जबकि आवाजाही के लिए चबूतरे या सीढ़ी सरकारी जमीन पर बनाई हुई है। अब इन मकान मालिकों का सरकारी जमीन पर बनी सीढ़ी से साथ छूट गया है। अहम बात ये है कि 90 प्रतिशत शहर में ये स्थिति बनी है।
- आज खत्म होगा अभियान का दूसरा चरण
पिछले सप्ताह से डीसी मनदीप कौर ने अतिक्रमण हटाओ अभियान का दूसरा चरण शुरू करवाया था। इसके तहत इस बार शनिवार और रविवार को छुट्टी के बावजूद अतिक्रमण हटाया गया। छह दिवसीय दूसरे चरण का बुधवार यानी आज समापन होने का अनुमान है। हालांकि तीसरा चरण भी जल्द शुरू होने के कयास लगाए जा रहे हैं।
- लोग बोले : सड़कों को मिली सांस, अभी और सुधार की आस
परशुराम चौक से गुजर रहे घिकाड़ा रोड निवासी इंद्रजीत जांगड़ा, संदीप, विश्वकर्मा कॉलोनी निवासी सुधीर, चंपापुरी निवासी मोनू व नितिन ने बताया कि पूरे बाजार में सड़कें अब खुली-खुली नजर आ रही हैं। अब जाम लगा रहा है न आमजन परेशान है। उन्होंने कहा कि शहर में कई और सड़कें ऐसी हैं जहां कई फुट लंबे चबूतरे सड़कों तक बने हैं। उनका समाधान भी प्रशासन को करना चाहिए।