चरखी दादरी। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर टंकेश्वर कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारतीय मूल्यों के अनुरूप है। शिक्षा में भारतीयता लाने के लिए यह बड़ी पहल की गई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में शिक्षकों और अभिभावकों सहित हम सबकी सहभागिता अनिवार्य है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति में अपनी भाषा में शिक्षा का प्रावधान है। विद्यार्थी अपनी भाषा में ज्यादा सीखते हैं। शोध एवं अनुसंधान भी अपनी भाषा में बेहतर हो सकता है।
शनिवार को भारतीय शिक्षण मंडल के तत्वावधान में सूरत सिंह स्मारक पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। केदारनाथ मैनेजमेंट संस्थान में आयोजित व्याख्यान कार्यक्रम में हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर टंकेश्वर कुमार ने बतौर मुख्य वक्ता व हरियाणा शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. जगबीर सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस मौके पर कुलपति प्रोफेसर टंकेश्वर कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में व्यावहारिक ज्ञान की बात है। हमें शिक्षा में भारतीयता एवं संस्कारों को बनाए रखना है। यह हम सबकी जिम्मेदारी है।
मुख्य अतिथि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. जगबीर सिंह ने कहा कि अब पाठ्यक्रम में गौरवमयी इतिहास को शामिल किया है। उन्होंने कहा कि मैकाले ने भारत की शिक्षा पद्धति एवं संस्कृति को तहस-नहस किया। मैकाले की शिक्षा नीति ने हमें मानसिक रूप से गुलाम बनाए रखा। अब नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 से शिक्षा में भारतीयता आएगी और भारत पुन: विश्व का नेतृत्व करेगा। भारतीय शिक्षण मंडल के अखिल भारतीय सह संपर्क प्रमुख पुष्पेंद्र राठी ने कहा कि भारतीय शिक्षण मंडल ने पांच दशक से शिक्षा में भारतीयता लाने को देशभर में अलख जगाई है। उन्होंने पाठ्यक्रम में अपना गौरवमयी इतिहास शामिल करने पर चेयरमैन डॉ. जगबीर सिंह की सराहना की और उन्हें बधाई दी।
कार्यक्रम के संयोजक भारतीय शिक्षण मंडल के प्रांत अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र कुमार भारद्वाज ने विद्वानों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने भारतीय शिक्षण मंडल के कार्यों पर चर्चा की। केदारनाथ अग्रवाल मैनेजमेंट कॉलेज की निदेशक डॉ. सुप्रिया ढिल्लो ने सबका आभार जताया। कार्यक्रम में प्रांत मंत्री सुनील शर्मा भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में डॉ. सुरेंद्र यादव की पुस्तक काव्या लंका का विमोचन भी किया गया।
- ये लोग भी रहे मौजूद
इस अवसर पर राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद प्रतिवाद आयोग के संयुक्त निदेशक हनुमंता राव, पूर्व जिला संघ चालक जीतराम गुप्ता, विभाग प्रचारक संजय, जिला संघ चालक राजेंद्र, जिला प्रचारक विमल, जिला बौद्धिक प्रमुख अरुण, डॉ. संजीव मड़िया, डॉ. नरेश कनोजिया, राजेश भारद्वाज, कर्णवीर सांगवान, विद्यार्थी परिषद के जिला संगठन मंत्री मंदीप नैन, कौशल्या चौधरी, संजीव मिश्रा, आरएच यादव व रोशनी शर्मा आदि मौजूद रहे।