चरखी दादरी। गांव समसपुर में जिला स्तरीय राजकीय खेल स्टेडियम का निर्माण ढाई साल में भी पूरा नहीं हो पाया है। 25 एकड़ में बनाए जा रहे स्टेडियम के निर्माण पर 28 करोड़ की लागत आनी है, जबकि कार्य बेहद धीमा चल रहा है। खेल विभाग के अधिकारी भी एजेंसी के निर्माण कार्य की गति से संतुष्ट नहीं है और वे लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से कार्य को गति देने की मांग कर चुके हैं।
वर्ष 2016 में दादरी को जिला बनाने के साथ तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जिला स्तरीय स्टेडियम निर्माण की भी घोषणा की थी। ये घोषणा लंबे समय तक ठंडे बस्ते में रही। इसके बाद जमीन चिह्नित करने को लेकर पेच फंसा रहा।
खेल विभाग व प्रशासन ने समसपुर गांव की 25 एकड़ जमीन का स्टेडियम निर्माण के लिए चयन कर प्रस्ताव तैयार करवाकर सरकार को भेजा। आठ माह के इंतजार के बाद इसे स्वीकृति मिल पाई और सरकार ने बजट की पहली किस्त भी जारी की थी। इसके बाद काम शुरू हुआ, लेकिन अड़चन आती रही। कभी प्रदूषण स्तर बढ़ने पर काम बंद करना पड़ा तो कभी बजट के अभाव में काम रुका रहा।
अब लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने खेल विभाग को अगस्त के अंत तक काम पूरा करवाने की बात कही, जबकि धरातल पर अभी काफी काम बचा है। खेल विभाग अधिकारियों का भी मानना है कि स्टेडियम निर्माण में अभी ज्यादा समय लगेगा।
17 गेम कोर्ट की मिलनी है सुविधा
जिला स्तरीय स्टेडियम में फुटबाल, हॉकी, बैडमिंटन, क्रिकेट, वॉलीबाल, कबड्डी, कुश्ती, एथलीट व तैराकी आदि के 17 गेम कोर्ट बनाए जाने हैं। जिले के खिलाड़ी कबड्डी, कुश्ती, मुक्केबाजी, तलवारबाजी, फुटबाल व अन्य खेलों में अपनी छाप छोड़ते हुए अंतरराष्ट्रीय पटल पर पदक जीतकर देश का नाम चमका चुके हैं। विभाग को जल्द से जल्द स्टेडियम का निर्माण करवाकर जिले के करीब तीन हजार खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मुहैया करवानी चाहिए। इस समय कई खिलाड़ी सुविधाओं के अभाव में दूसरे जिले में प्रशिक्षण लेने को विवश हैं।
चार दिन पहले ही मैंने खेल स्टेडियम निर्माण कार्य का जायजा लिया है। लोक निर्माण विभाग का तर्क है कि अगस्त तक काम पूरा करवा देंगे जबकि धरातल पर बचे काम को देखकर इस समय अवधि तक स्टेडियम का निर्माण पूरा होना मुश्किल लग रहा है। स्टेडियम में तकरीबन सभी प्रकार के खेलों के ट्रैक बनने हैं। - संधूबाला, जिला खेल अधिकारी, चरखी दादरी।