कीकरवासनी क्षेत्र में घरों व मंदिर के सामने भरा सीवर व बारिश का पानी।
चरखी दादरी। बारिश होने के बाद से ही शहर में सीवर व्यवस्था बेपटरी है। आलम ये है कि वार्डाें और कॉलोनियों की गलियों में अभी भी दूषित पानी भरा हुआ है। 96 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी पानी की निकासी नहीं हो पाई है जिसके चलते लोगों को परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा है। वहीं, शहरवासियों का कहना है कि घरों के बाहर दूषित पानी भरने से उन्हें जलजनित बीमारियों की चपेट में आने का खतरा है। लोगों ने जिला प्रशासन से क्षेत्र में भरे पानी निकासी के लिए पुख्ता प्रबंध करने की मांग की है।
बता दें कि जिले में रविवार की बारिश से शहर के ज्यादातर क्षेत्रों में जलभराव हुआ था। इसके चलते सीवर मैनहोल भी ओवरफ्लो कर गए थे और कई कॉलोनियों में तब से ही सीवर की गंदगी गलियों में है। वार्ड आठ स्थित काठ मंडी की मुख्य सड़क, वाल्मीकि नगर की मुख्य गली व धर्मशाला, कीकरवासनी क्षेत्र, रविदास नगर, बंजारा बस्ती, मथुरी घाटी, स्वर्ण शताब्दी पार्क के सामने, बस स्टैंड के पीछे वाली गली, शनि देव मंदिर वाली गली में पिछले चार दिनों से जलभराव की स्थिति बनी हुई है। यहां रहने वाले लोग पानी से गुजरने को मजबूर हैं।
बारिश के पानी की समय पर निकासी नहीं होने से सबसे अधिक परेशानी वार्ड 17 के लोगों को उठानी पड़ रही है। इस वार्ड में लगभग 100 घरों के सामने जलभराव है। यहां रहने वाले लोग दयनीय जीवन जीने को मजबूर हैं। घर के सामने गलियों में पानी होने से बच्चे स्कूल भी नहीं पहुंच पा रहे हैं। वार्ड-17 से पार्षद सुधीर स्वामी का कहना है कि हर बारिश में ऐसे ही हालात बनते है, लेकिन प्रशासन ने अभी तक वार्ड की सुध नहीं ली है। वार्ड में लंबे समय से जलभराव होने के बावजूद अभी तक फोगिंग भी नही करवाई गई है।
हमारे कर्मचारी लगातार पानी की निकासी कर रहे हैं। हमने पानी निकासी के लिए सभी वार्डों में मोटरों की संख्या भी बढ़ा दी है। जल्दी ही पूरे शहर से पानी निकासी करवा दी जाएगी।
बीके जावला, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग