चरखी दादरी। सिंचाई विभाग सिविल व मैकेनिकल शाखा से हटाए गए एचकेआरएन कर्मचारियों ने सोमवार से कार्यकारी अभियंता लोहारू जल सेवा मंडल के कार्यालय में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। धरना हरियाणा पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल वर्कर यूनियन संबंधित सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के बैनर तले दिया गया।
सोमवार को धरनास्थल पर कर्मचारियों ने नारेबाजी कर सरकार के खिलाफ रोष जताया। धरने की अध्यक्षता मैकेनिकल शाखा दादरी से अशोक मास्टर ने की जबकि संचालन बिजेंद्र ने किया। उन्होंने बताया कि सरकार एक ओर एचकेआरएन कर्मचारियों को 58 वर्ष की नौकरी की गारंटी देने की बात करती है और दूसरी ओर उन्हें समायोजित करने के बजाय पद मुक्त कर रही है। सरकार 1986 की जनसंख्या के आधार पर ही पदों की भर्ती कर रही है जबकि आज के समय में हरियाणा की जनसंख्या सवा दो करोड़ से अधिक हो चुकी है। वर्तमान में जनसंख्या के आधार पर सरकार को नए पदों का सृजन करना चाहिए। इससे एचकेआरएन कर्मचारियों का रोजगार बचा रहेगा और विभाग का कार्य भी पूरा होगा।
उन्होंने कहा कि सरकार जब तक एचकेआरएन कर्मचारियों को हटाए जाने का फैसला वापस नहीं लेगी तब धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। जिला प्रधान सतबीर सरोहा ने बताया कि 1, 2, 8, और 9 फरवरी को हरियाणा की सभी विधानसभा के विधायकों को एचकेआरएन कर्मचारियों व हरियाणा के लिए अलग से 8वें वेतन आयोग गठित करने की मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके बाद 15 और 16 फरवरी को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय कुरुक्षेत्र में 48 घंटे का धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान आईबी मोरवाला से प्रदीप, बिजेंद्र, संजीत धवन, कर्मचारी देवेंद्र, राजेश, वेद प्रकाश, नरेश, संदीप, मदन, सुमित सांगवान, कपिल सांगवान, सुरेंद्र सिंह, रवि कुमार, सुखवीर, ओम प्रसाद, अमन, सोमबीर, संजय समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
इन्होंने दिया समर्थन
धरने के पहले दिन ही सीटू के जिला कोषाध्यक्ष राजकुमार, सर्व कर्मचारी संघ दादरी जिला कोषाध्यक्ष ओमबीर कालहेर, हरियाणा पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल वर्कर यूनियन के राज्य प्रभारी अफलातून जाखड़ और जनस्वास्थ्य विभाग की शाखा प्रधान देवेंद्र भागवी ने मौके पर पहुंचकर उनका समर्थन किया और कर्मचारियों को संबोधित कर संघर्ष में साथ देने का आश्वासन दिया।