चरखी दादरी। सभी वर्गों की बेटियों और दिव्यांगजन की शादी में आर्थिक सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना संचालित की जा रही है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने और बेटियों के विवाह के लिए प्रोत्साहन देने का एक सराहनीय प्रयास है। उपायुक्त मुनीश शर्मा ने ये बातें कहीं।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना समाज में समानता और सशक्तीकरण का प्रतीक है। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहायता प्रदान करना और बेटियों की शादी में आर्थिक चिंताओं को कम करना है। उन्होंने सभी पात्र परिवारों से अपील की कि इस योजना का लाभ उठाएं और अपनी बेटियों के भविष्य को सुरक्षित और खुशहाल बनाएं।
उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत लाभार्थियों को सहायता राशि प्रदान की जाती है। इसमें अनुसूचित जाति, विमुक्त जाति/टपरीवास जाति के 1.80 लाख से कम वार्षिक आय वाले लाभार्थियों को बेटियों के विवाह पर 71,000 रुपये अनुदान राशि प्रदान की जाती है। पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग के व्यक्तियों की बेटियों के विवाह पर 41,000 रुपये अनुदान राशि दी जाती है।
उपायुक्त ने कहा कि सभी वर्गों की विधवा, अनाथ, तलाकशुदा, बेसहारा महिलाओं और उनकी बेटियों की शादी के लिए 51,000 रुपये अनुदान राशि प्रदान की जाती है। 1.80 लाख से कम वार्षिक आय वाली खिलाड़ियों की शादी में भी 41 हजार की अनुदान राशि दी जाती है। यदि विवाह में वर-वधू दोनों दिव्यांग हैं तो उन्हें 51,000 रुपये अनुदान राशि दी जाएगी। अगर केवल वर या वधू दिव्यांग है तो 41,000 रुपये की अनुदान राशि दी जाएगी।
- शादी के 6 माह के अंदर पंजीकरण जरूरी
उपायुक्त ने बताया कि योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक को अपनी बेटी के विवाह के बाद 6 माह के अंदर विवाह पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाया गया है। आवेदक shaadi.edisha.gov.in पोर्टल पर विवाह पंजीकरण और मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।