चरखी दादरी। जिले में पिछले दो माह के दौरान बिजली की खपत में कमी आई है। अगस्त में जहां जिले में सर्वाधिक 1022.52 लाख यूनिट बिजली की खपत हुई थी, वहीं अक्तूबर में यह आंकड़ा घटकर करीब 858 लाख यूनिट रह गया है। बिजली की खपत कम होने से पावर ट्रांसफार्मरों पर लोड घटा है और फॉल्ट आने की समस्या में भी कमी आई है। निगम की ओर से बिजली व्यवस्था में सुधार के साथ क्षमता विस्तार पर भी काम किया जा रहा है।
जिले में करीब एक लाख 70 हजार बिजली उपभोक्ता हैं। बिजली आपूर्ति के लिए 11 हजार 180 ट्रांसफार्मर और 179 फीडर स्थापित हैं। अप्रैल में जिले में 795.06 लाख यूनिट बिजली की खपत दर्ज की गई थी। इसके बाद गर्मी बढ़ने के साथ मई, जून, जुलाई और अगस्त में खपत में तेजी आई। अगस्त में खपत 1022.52 लाख यूनिट तक पहुंच गई थी। अब मौसम में बदलाव के साथ बिजली की मांग घटने लगी है।
गर्मी में बढ़ जाती है बिजली की मांग
गर्मी के मौसम में पंखे, कूलर और एसी चलने के कारण बिजली की खपत बढ़ जाती है। मई से अगस्त तक बिजली की मांग अधिक रहने से पावर सब स्टेशनों में लगे मुख्य पावर ट्रांसफार्मरों पर भी लोड बढ़ जाता है। इससे तकनीकी दिक्कत आने की आशंका रहती है। लोड अधिक होने पर कई बार आपूर्ति बाधित करनी पड़ती है ताकि ट्रांसफार्मरों को नुकसान से बचाया जा सके। शहर में 24 घंटे बिजली आपूर्ति का प्रावधान है लेकिन फॉल्ट और अन्य तकनीकी कारणों से बीच-बीच में आपूर्ति प्रभावित होती है।
शहर में अप्रैल में 70 लाख यूनिट थी खपत
शहर में अप्रैल में करीब 70 लाख यूनिट बिजली की खपत हुई थी। मई में यह बढ़कर 82.74 लाख यूनिट, जून में 99.40 लाख यूनिट और जुलाई में 109.10 लाख यूनिट तक पहुंच गई। अगस्त में 106 लाख यूनिट खपत दर्ज की गई। सितंबर में यह घटकर 91 लाख यूनिट रह गई, जबकि अक्तूबर में औसतन करीब 84 लाख यूनिट प्रतिमाह की खपत बनी हुई है।
गांवों में बन रहे नए पावर सब स्टेशन
जिले में बिजली आपूर्ति की क्षमता बढ़ाने के लिए कई गांवों में नए पावर सब स्टेशन बनाने का काम चल रहा है। गांव रानीला, गोठड़ा और शहर में 33 केवी क्षमता के पावर सब स्टेशन बनकर तैयार हो चुके हैं। इनसे बिजली व्यवस्था को मजबूत करने और भविष्य में बढ़ने वाली मांग के अनुसार आपूर्ति बनाए रखने में मदद मिलेगी।
वर्जन:
इस समय बिजली की खपत कम होने से लोड घटा है। पावर ट्रांसफार्मर सुचारु रूप से काम कर रहे हैं और फॉल्ट भी कम आ रहे हैं। गर्मी के मौसम में बिजली की मांग बढ़ने पर कुछ समस्याएं आती हैं। दिसंबर और जनवरी में ग्रामीण क्षेत्रों में खपत फिर बढ़ेगी क्योंकि इन महीनों में रबी की फसलों की सिंचाई के लिए बिजली चालित नलकूपों का अधिक इस्तेमाल होता है। जिले में करीब पांच हजार बिजली चालित नलकूप हैं। - विवेक कुमार, एसएसई, बिजली निगम